भारती के एक कंटेंट क्रिएटर सचिन अवस्थी ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती सुनाते हुए साउथ कोरिया के जेजू आइलैंड और चीन में हुए कड़वे अनुभव को साझा किया है। सचिन का दावा है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के 38 घंटों तक हिरासत में रखा गया और उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।
सचिन के मुताबिक, वे बड़े उत्साह के साथ जेजू आइलैंड पहुंचे थे, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया। उन्हें एक होल्डिंग एरिया में ले जाया गया जो बिल्कुल जेल जैसा था। सचिन ने आरोप लगाया कि वहां न तो धूप थी और न ही बाहर जाने की जगह। उन्हें वहां जेल का खाना दिया गया और उनकी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई।
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भारी भरकम टिकट के लिए ‘ब्लैकमेल’
यूट्यूबर का आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें भारत वापस भेजने के लिए बहुत महंगा रिटर्न टिकट बुक करने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा, ‘टिकट की कीमत सामान्य से 10 गुना ज्यादा थी, लेकिन उस वक्त हमारे पास बहस करने की ताकत नहीं थी, हम बस सुरक्षित बाहर निकलना चाहते थे।’
चीन में भी रही कड़ी निगरानी
चीन से गुजरते समय भी उनके हालात नहीं बदले। सचिन ने बताया कि वहां उन्हें फोन इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं थी और खाना-पानी भी बहुत कम दिया गया। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा किया कि जब वे टॉयलेट जाते थे, तब भी एक पुलिस अधिकारी बॉडीकैम पहनकर उन पर नजर रखता था।
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ट्रैवलर्स के लिए सलाह
सचिन अवस्थी ने स्पष्ट किया कि वे यह जानकारी सहानुभूति पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों को जागरूक करने के लिए साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन का फैसला लेना अधिकारियों का हक है, लेकिन किसी के साथ बुरा व्यवहार करना गलत है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक विस्तृत वीडियो भी डाला है ताकि भविष्य में अन्य यात्री ऐसी स्थिति से बच सकें।
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