इंडियन आर्मी ने साइबर सिक्योरिटी और AI पर आधारित ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए हैं। इच्छुक उम्मीदवार 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं।
क्या है टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026?
यह बड़ा चैलेंज टेरिटोरियल आर्मी और ‘साइबरपीस’ के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है। इस कंपटीशन का दरवाजा सिर्फ गिने-चुने प्रोफेशनल्स के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए खुला है जो तकनीक की अच्छी समझ रखता है। चाहे आप एक कॉलेज स्टूडेंट हों, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट हों, एआई रिसर्चर हों, या फिर एथिकल हैकर और सॉफ्टवेयर डेवलपर हों, यह मंच आपके लिए ही है। यहां तक कि अगर आप सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाने वाला कंटेंट बनाते हैं या किसी टेक स्टार्टअप से जुड़े हैं, तो भी आप इसमें बेझिझक हिस्सा ले सकते हैं।
अहम तारीखें जो आपको याद रखनी चाहिए
अगर आप इस डिजिटल महाकुंभ का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको इसकी अहम तारीखें जरूर नोट कर लेनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- रजिस्ट्रेशन शुरू: 30 जुलाई, 2026
- रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 31 अगस्त, 2026
- ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग: 1 से 10 सितंबर, 2026
- ग्रैंड फिनाले (नई दिल्ली): 6 से 8 अक्टूबर, 2026
- अवार्ड सेरेमनी: 9 अक्टूबर, 2026
ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग का राउंड पूरा होने के बाद, असली जंग नई दिल्ली में होगी। राजधानी में 6 से 8 अक्टूबर के बीच पूरे 36 घंटे तक चलने वाला एक दमदार ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शॉर्टलिस्ट हुई टीमों को अपनी दिन-रात की मेहनत और हुनर का असली जलवा दिखाना होगा।
तीन खास ट्रैक्स में बंटा है कंपटीशन
यह कंपटीशन कोई आम इवेंट नहीं है, बल्कि इसे तीन अलग-अलग ट्रैक्स में बांटा गया है ताकि हर तरह के हुनर को सही और सटीक मंच मिल सके।
1. बग हंटिंग
यह ट्रैक उन लोगों के लिए है जिन्हें सिस्टम की कमियां ढूंढने में मजा आता है। इसे एक ऑनलाइन कैप्चर-द-फ्लैग (CTF) चैलेंज के रूप में करवाया जाएगा। इसमें हिस्सा लेने वालों को एक डमी नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया जाएगा, जहां उन्हें सिक्योरिटी से जुड़ी खामियां खोजकर उनकी सही तरीके से रिपोर्ट बनानी होगी। स्टूडेंट्स, हैकर्स और सेना के जवान भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। एक टीम में ज्यादा से ज्यादा तीन मेंबर हो सकते हैं। टॉप टीमें सीधा दिल्ली वाले फिनाले में पहुंचेंगी।
2. एआई कवच
जैसा कि नाम से ही साफ है, यह ट्रैक पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस करेगा। यहां प्रतिभागियों को ऐसे एआई-बेस्ड सिक्योरिटी सॉल्यूशन तैयार करने होंगे जो पलक झपकते ही साइबर खतरों को पहचान कर उन्हें रोक सकें। रजिस्ट्रेशन करते वक्त आपको पांच स्लाइड की एक प्रेजेंटेशन देनी होगी, जिसमें आपके आईडिया का पूरा प्लान हो। शॉर्टलिस्ट होने पर ग्रैंड फिनाले के दौरान आपको उस आईडिया का एक वर्किंग प्रोटोटाइप यानी चलता-फिरता मॉडल बनाना होगा। इसमें भी एक टीम में अधिकतम तीन लोग शामिल हो सकते हैं।
3. नेशनल क्रिएटर्स चैलेंज
यह ट्रैक सबसे अलग और दिलचस्प है। अगर आप कोई कोडर या हैकर नहीं हैं, लेकिन वीडियोज बनाने का शौक रखते हैं, तो यह आपके लिए है। आम जनता, स्टूडेंट्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स इसमें भाग ले सकते हैं। आपको बस 1 से 3 मिनट का कोई ओरिजिनल वीडियो, रील या कैरोसेल बनाना है। इसका मकसद लोगों को डीपफेक, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अफवाहों के प्रति जागरूक करना है। इस टीम में अधिकतम चार सदस्य हो सकते हैं।
कैसे करें आवेदन और क्या मिलेगा इनाम?
रजिस्ट्रेशन करना बहुत ही आसान है। आपको टेरियर साइबर क्वेस्ट के ऑफिशियल पोर्टल पर जाना है। वहां अपनी पसंद का ट्रैक चुनकर एक अच्छी सी प्रोफाइल बनानी होगी। इसके बाद मांगी गई सारी जानकारी भरें और अपनी एप्लीकेशन सबमिट दें। एआई कवच वालों को अपनी प्रेजेंटेशन अपलोड करनी होगी, जबकि क्रिएटर्स को अपना ओरिजिनल अवेयरनेस कंटेंट जमा करना होगा। आयोजकों के मुताबिक, फाइनलिस्ट्स को टेरिटोरियल आर्मी की तरफ से सर्टिफिकेट और मेडल दिए जाएंगे। साथ ही, भारी कैश प्राइज और नेशनल लेवल पर एक अलग पहचान भी मिलेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रतिभागियों को सरकार और रक्षा क्षेत्र के बड़े अधिकारियों से मिलने और बातचीत करने का सुनहरा मौका मिलेगा। जो लोग विनर बनेंगे, उन्हें भविष्य में बड़े डिफेंस प्रतिष्ठानों में जाने और टेरिटोरियल आर्मी के साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स में सीधे तौर पर अपना योगदान देने का चांस भी मिल सकता है।
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