भारत में अगले छह महीने में बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप समेत 11 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेले जाने हैं और खेल मंत्रालय ने बेहतरीन मेजबानी का आश्वासन देते हुए कहा है कि खराब आयोजन जैसी अतीत की घटनाओं का दोहराव नहीं होगा।
बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप 17 अगस्त से इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम पर खेली जायेगी जहां इस साल जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान स्वच्छता और रखरखाव से जुड़े मसलों को लेकर विदेशी खिलाड़ियों ने काफी आलोचना की थी।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा ,‘‘ हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी सुविधायें शीर्ष स्तर की हो। मंत्रालय तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं। हम नकारात्मक धारणा को बदलने के लिये काम कर रहे हैं।’’
मेजबान के तौर पर भारत की छवि को ठेस पहुंचाने वाले इंडिया ओपन विवाद के बाद मंत्रालय ने भारतीय खेल प्राधिकरण के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिये प्रोटोकॉल तय किये हैं जिसमें हर तिमाही में स्टेडियमों की मंत्री द्वारा समीक्षा शामिल है।
विश्व चैम्पियनशिप से पहले भारत में राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैम्पियनशिप भी होगी और 28 जुलाई से चार अगस्त तक होने वाले इस टूर्नामेंट में 35 देशों के भाग लेने की उम्मीद है।
वहीं भुवनेश्वर में अगस्त में एथलेटिक्स इंडियन ओपन होना है।
ओलंपिक 2036 की मेजबानी के इच्छुक भारत में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 15 से अधिक शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल टूर्नामेंटों का आयोजन किया गया।
इसके साथ ही भारत को 2027 से 2028 के बीच 19 अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी मिली है।
सूत्र ने यह भी बताया कि लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों का जायजा लेने के लिये खेलमंत्री मनसुख मांडविया अगले सप्ताह राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों से बैठक करेंगे।
सूत्र ने कहा ,‘‘ महासंघों से ओलंपिक के लिये खिलाड़ियों की विदेश में तैयारी की योजनाओं के बारे में पूछा जायेगा। इसका मकसद यही है कि ओलंपिक के लिये तैयारी सुनियोजित और सुगम तरीके से हो सके और इस बार कम से कम 15 पदक भारत की झोली में आयें।
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