आईआईटी के 57वें दीक्षांत समारोह में 2 छात्रों के लिए बेहद गौरव का पल रहा है। दरअसल, दोनों छात्रों ने अपनी शानदार शैक्षणिक उपलब्धि के दम पर खास पहचान बनाई, जिसके चलते उनको प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
क्यों दिया जाता है प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल सम्मान
प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल बैचलर डिग्री प्रोग्राम के उस छात्र को दिया जाता है, जिसका अकादमिक प्रदर्शन सबसे बेहतर रहता है। इसे IIT में शैक्षणिक उपलब्धि के सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है। दोनों छात्रों को प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
पीएम मोदी ने दिया ये सम्मान
इस समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया। ऐसे में छात्रों के लिए यह सम्मान और भी खास बन गया। द ट्रिब्यूट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मेडल प्राप्त करने के बाद आदित्य प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री के हाथों सीधे यह सम्मान प्राप्त करना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण था। उन्होंने प्रधानमंत्री के दीक्षांत समारोह में दिए गए संबोधन को भी प्रेरणादायक बताया। आदित्य के मुताबिक, प्रधानमंत्री के संबोधन ने उन्हें भविष्य में खुद को और बेहतर करने और पहले से अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने सफर के अगले चरण को लेकर उत्साहित हैं और आगे मिलने वाले अवसरों को लेकर काफी उत्सुक हैं।
IIT में दिए जाते हैं कई प्रतिष्ठित गोल्ड मेडल
प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल IIT के दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले कई प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है। संस्थान में छात्रों को उनकी अलग-अलग शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल जैसे सम्मान भी प्रदान किए जाते हैं। इन सम्मानों का उद्देश्य छात्रों की शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों को पहचान देना और उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है।
अब प्रोफेशनल करियर की नई शुरुआत
अक्षत सिंघल और आदित्य प्रकाश के लिए प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल सिर्फ उनकी IIT दिल्ली की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान नहीं है। यह उनके जीवन और करियर के एक नए चरण की शुरुआत भी है। IIT दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद अब दोनों युवा इंजीनियर संस्थान से बाहर निकलकर करियर शुरू करेंगे। सालों की पढ़ाई और मेहनत के बाद मिला यह सम्मान उनके लिए एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे वे अपने करियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मील का पत्थर मान सकते हैं।
दोनों की उपलब्धि यह भी दिखाती है कि IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में केवल दाखिला हासिल करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि वहां लगातार बेहतर अकादमिक प्रदर्शन बनाए रखना भी उतनी ही बड़ी उपलब्धि है।
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