कालीन भैया की तैयारी
ईवेंट में पंकज त्रिपाठी से पूछा गया कि उनकी ‘मिर्जापुर’ फिल्म की तायीर कैसी चल रही है, तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि, ‘उसकी तैयारी तो मेकर्स कर रहे हैं मुझे तोबस जाना है और संवाद बोलना है. बिलकुल ऐसे ही जैसे मैं अभी बोल रहा हूं धीरे- धीरे. सिद्धार्थ पूछ रहा था कि फिट लग रहे हो, तो बता दूं कि अभी जाकर दौड़ लगाऊंगा. तो ऐसे ही एक्टिंग की तैयारी चल रही है’.
रंग बिरंगे पंकज त्रिपाठी
पंकज ने कुछ समय पहले अपने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर की थी, जिसमें वो लाल रंग के कपड़े पहने थे. ये फोटो और कपड़े पंकज की धीर-गंभीर इमेज से काफी अलग थी, इस बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि, ‘हां मैं थोड़ा खुद को बदलने की कोशिश कर रहा हूं, मैं समय के साथ आगे चलने की कोशिश कर रहा हूं. अब तो मैं कपड़ों को ही नहीं विचारों को भी बदलने की सोच रहा हूं. बहुत हो गया विनम्रता- विनम्रता, अब थोड़ा घमंड लाने वाला हूं’.
पंकज त्रिपाठी का बचपन
अपने बचपन के बारे में बात करते हुए पंकज ने कहा, ‘मेरा बचपन बहुत सुंदर था, वहां कुछ टीवी तो नहीं होती थी, चार रेडियो सेट थे. वहां ना सड़क थी ना बिजली थी, तो बच्चों के खेलने के लिए सांप, बिच्छु, तारा यही सब होते थे. हमारे घर के पीछे नदी थी, उसमें हमने तैरना सीख लिया. ऐसा ही बचपन था बड़ा इत्मिनान वाला. बचपन में किसी ने कहा कि छोटे- छोटे कीड़े होते हैं नदी- तालाब में पंडुब्बी उन्हें पी लोगे तो तैरना सीख जाओगे. तो हमने पी लिया और तैरना सीख गए’.
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