UPSC Success Story: यूपीएससी में 3 बार फेल होकर भी नहीं मानी हार, चौथे प्रयास में लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) की छात्रा मोरवी तिवारी ऑल इंडिया 90वीं रैंक (AIR 90) हासिल कर IAS बनी हैं।
शुरुआती असफलता से मिली बड़ी सीख
मोरवी तिवारी का यूपीएससी का सफर आसान नहीं रहा। जब उन्होंने पहली बार सिविल सेवा परीक्षा दी, तो वे प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं। किसी भी छात्र के लिए पहला प्रयास विफल होना काफी निराशाजनक हो सकता है। लेकिन मोरवी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना, उत्तर लेखन में सुधार किया और अपने मजबूत व कमजोर विषयों में सुधार किया।
दूसरे प्रयास में भी मनमुताबिक परिणाम न मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी को कमजोर नहीं पड़ने दिया। आखिरकार, अपनी लगन और निरंतर प्रयास के बल पर उन्होंने अपने चौथे प्रयास में ऑल इंडिया 90वीं रैंक हासिल की।
लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) से की पढ़ाई
मोरवी हमेशा से ही एक होनहार छात्रा रही हैं। उनकी मां रेनू तिवारी IAS और पिता स्वदेश तिवारी आरटीओ हैं। सेंट पॉल्स और डीपीएस से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) से पूरी की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने लंदन में पढ़ाई और यूनिसेफ में कार्य करते हुए तैयारी जारी रखी।
कॉलेज के माहौल ने उनके नजरिए को बड़ा और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करने का मन बना लिया था।
छात्रों के लिए मोरवी तिवारी के सफलता के मूलमंत्र
यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मोरवी तिवारी का कहना है कि परीक्षा में सफलता पाने के लिए तीन चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं। पहला, यूपीएससी की तैयारी एक लंबी यात्रा है, इसलिए रोजाना अनुशासन के साथ पढ़ना बेहद जरूरी है। दूसरा, अपनी स्टडी मटेरियल को सीमित रखें और जो भी पढ़ा है उसका बार-बार रिवीजन करें। तीसरा, टेस्ट सीरीज देकर अपनी कमजोरियों को पहचानें और समय रहते उन्हें सुधारें।
मोरवी तिवारी की यह सफलता साबित करती है कि यदि आपके अंदर दृढ़ संकल्प और सही दिशा में प्रयास करने का जज्बा है, तो कोई भी असफलता आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।
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