आम के बाद जामुन की बहार बाजारों में देखने को मिल रही है। जामुन सिर्फ 2-3 महीने के लिए ही गर्मियों में आती है, लेकिन ये सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। जामुन का स्वाद कई बार खट्टा या कसैला निकल जाता है। ऐसे में आप मीठी जामुन पहचानने के आसान तरीके जान लीजिए।
कई प्रकार की होती है जामुन
वैसे तो जामुन की 3-4 प्रमुख किस्में पाई जाती हैं। इनमें सबसे ज्यादा काली या बैंगनी जामुन भारत में मिलती है, जिसकी पैदावार भी सबसे अधिक होती है। यह स्वाद में मीठी-खट्टी और काफी पसंद की जाती है। इसके अलावा देशी जामुन भी होती है, जो आकार में छोटी होती है। वहीं सफेद जामुन को दुर्लभ प्रजाति माना जाता है, जो भारत के कुछ ही हिस्सों में देखने को मिलती है। इसके अलावा हाइब्रिड जामुन भी बाजार में आती है, जो देखने में आकर्षक होती है, लेकिन कई बार इसमें पारंपरिक जामुन जैसा मीठापन कम होता है।
मीठी जामुन को पहचानने के 3 तरीके
- आकार से करें पहचान
मीठी जामुन आकार में थोड़ी बड़ी और गूदेदार होती है। बहुत पतली या सिकुड़ी हुई जामुन कम मीठी निकल सकती है। पतली जामुन सही से पकी नहीं होती हो और यही कारण है ये खट्टी होती है। जामुन हमेशा आकार में बड़ी ही खरीदें। अगर देशी जामुन है, तो छोटी ही होगी।
- छिलके को गौर से देखें
जामुन का छिलका भी आपको बता देगा कि वह मीठी है या नहीं। ताजी और मीठी जामुन का छिलका स्मूद और हल्का चमकदार दिखता है। दाग-धब्बे या सूखी हुई जामुन खट्टी हो सकती है। अगर आपको छिलका अजीब लगे तो उस जामुन को ना खरीदें।
- भारीपन चेक करें
जामुन को हाथ में लेकर देखें, अगर इसमें आपको भारीपन महसूस हो रहा है तो ये मीठी होगी। हल्की जामुन का मतलब है कि इसमें गूदा कम है और ये मीठी नहीं होगी। इसके अलावा मीठी जामुन से हल्की-भीनी खुशबू आएगी, जबकि खट्टी वाली से कोई महक नहीं आएगी।
बीज भी मिलेंगे सही
माली का कहना है कि अगर आप इन तरीकों से जामुन खरीदते हैं, तो आपको मीठी-रसीली जामुन खाने को मिलेगी। साथ ही इसमें बीज भी अच्छा मिलेगा। कई लोग जामुन का बीज सुखाकर पाउडर बनाकर खाते हैं। खासतौर पर शुगर पेशेंट इसके बीज को खाना पसंद करते हैं।
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