250 शेयरों का एक लॉट
आईपीओ के लिए कंपनी ने 250 शेयरों का एक लॉट बनाया है। जिसकी वजह से निवेशकों को कम से कम 15000 रुपये का दांव लगाना होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 20 अगस्त को होगा। एनएसई और बीएसई में आईपीओ की लिस्टिंग 24 अगस्त को प्रस्तावित है।
26000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी
इस आईपीओ का साइज 2600 करोड़ रुपये का है। कंपनी आईपीओ के जरिए 43.34 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी। यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर ही आधारित है। मौजूदा निवेशक एक भी शेयर आईपीओ में नहीं बेच रहे हैं। यानी ओएफएस जीरो है। बता दें, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। वहीं, केफिन टेक्नोलॉजी को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
आईपीओ में कम से कम 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए होगा। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए अधिकमत 10 प्रतिशत और एनआईआई के अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा।
आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी
2250 करोड़ रुपये का भुगतान कंपनी और उसकी सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने के लिए होगा। अन्य पैसों को कंपनी जनरल कॉरपोरेट कार्यों के लिए करेगी।
क्या आईपीओ पर दांव लगाना रहेगा सही?
इस इश्यू के सबसे बड़ा रिस्क यह है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कुल रेवन्यू का 42.60 प्रतिशत हिस्सा 10 ग्राहकों से आया था। यानी किसी एक ग्राहक के जाने से रेवन्यू पर सीधा असर दिखेगा।
कंपनी अपना वेयरहाउस बनाती और ऑपरेट करती है। जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार होरिजन इंडस्ट्रीय पार्क देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रीयल और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर कंपनी है। मौजूदा समय में कंपनी के पास 45 एसेट है। यह 10 शहरों में फैला हुआ है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
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