होम लोन चुकाने करने के बाद अक्सर लोग बैंक स्टेटमेंट, लोन एग्रीमेंट और क्लोजर सर्टिफिकेट जैसे पैपर गैर-जरूरी मानकर फेंक देते हैं और सिर्फ रजिस्ट्री के पेपर ही रख लेते हैं। जबकि इन्हें संभालकर रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि, आगे चलकर प्रॉपर्टी बेचते समय, उत्तराधिकार के मामलों में या किसी कानूनी विवाद में बहुत काम के साबित होते हैं। ये डॉक्यूमेंट्स हमेशा संभालकर रखें 1. ओरिजिनल सेल डीड और टाइटल पेपर्स मकान या जमीन की रजिस्टर्ड सेल डीड यानी रजिस्ट्री पेपर और पुराने टाइटल पेपर्स आपके मालिकाना हक के सबसे बड़े सबूत होते हैं। इन्हें हमेशा संभालकर रखें। भविष्य में जब भी आप संपत्ति बेचेंगे, किसी को ट्रांसफर करेंगे या दोबारा लोन के लिए गिरवी रखेंगे, तो इन असली पेपर्स की जरूरत पड़ेगी। बैंक से कागज वापस मिलने के बाद भी इन्हें लापरवाही में न छोड़ें और फाइल सुरक्षित रखें। 2. होम लोन एग्रीमेंट और सेंक्शन लेटर होम लोन एग्रीमेंट और सेंक्शन लेटर में आपके लोन की रकम, ब्याज दर, किस्त चुकाने के नियम और एक्स्ट्रा चार्ज की पूरी जानकारी होती है। लोन पूरा होने के बाद भी इन पेपर्स को फेंके नहीं। भविष्य में अगर बैंक की ओर से ब्याज या किसी हिडन चार्ज को लेकर कोई गफलत होती है, तो ये कागज आपके पास लिखित सबूत का काम करेंगे। 3. क्लोजर लेटर और नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट होम लोन पूरा चुकाने के बाद बैंक से NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट और क्लोजर लेटर जरूर लें। यह इस बात का लिखित सबूत है कि बैंक का आप पर कोई पैसा बकाया नहीं है। भविष्य में कभी मकान बेचते समय या संपत्ति की जांच के दौरान पुराने लोन को लेकर कोई सवाल उठता है, तो यह NOC ही आपकी प्रॉपर्टी को विवादों से बचाएगी। 4. रीपेमेंट रिकॉर्ड्स और बैंक स्टेटमेंट हर महीने का कागजी बिल संभालना जरूरी नहीं है, लेकिन लोन चुकाने का पूरा रिकॉर्ड और इंटरेस्ट सर्टिफिकेट पास रखें। यह इस बात का सबूत है कि आपने सभी किस्तें (EMI) समय पर दी हैं। ये कागज इनकम टैक्स क्लेम में भी काम आते हैं। आप चाहें तो इनकी साफ फोटो या डिजिटल फाइल बनाकर अपने फोन/ड्राइव में सुरक्षित सेव रख सकते हैं। 5. प्रॉपर्टी अप्रूवल और कंस्ट्रक्शन डॉक्यूमेंट्स मकान का अप्रूव्ड नक्शा, पजेशन लेटर और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जैसे पेपर हमेशा सुरक्षित रखें। RERA के तहत बिल्डर से मिले ये कागज साबित करते हैं कि आपका निर्माण पूरी तरह कानूनी है। भविष्य में मकान दोबारा बेचते समय या निर्माण से जुड़ा कोई सरकारी विवाद होने पर ये दस्तावेज बेहद काम आते हैं। डिजिटल बैकअप और सुरक्षित स्टोरेज सभी असली कागजों को वॉटरप्रूफ फाइल या बैंक लॉकर में सुरक्षित रखें। इसके साथ ही इनकी साफ फोटो या PDF बनाकर डिजीलॉकर, गूगल ड्राइव या पेन ड्राइव में सेव कर लें। इससे ओरिजिनल पेपर गुम या खराब होने पर भी आपके पास तुरंत इस्तेमाल के लिए डिजिटल कॉपी मौजूद रहेगी।
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