रांची, पांच अगस्त झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सिर्फ राज्य का नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय समस्या है। सोरेन ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। सोरेन का बयान ऐसे समय में आया है, जब विधानसभा के बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से पहले आंदोलन तेज हो गया है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) सुधार मंच के बैनर तले पांच अन्य लोगों ने मंगलवार रात से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसके साथ ही अनशन पर बैठे लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। सोरेन ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मेरे युवा दोस्तों की चिंताएं हमारे लिए बहुत गंभीर मामला है।
कथित पेपर लीक सिर्फ झारखंड का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश भर के कई राज्यों के युवाओं के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन गया है। हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि एजेंसियां दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भेजा जा रहा है। सोरेन ने कहा, ‘‘हमारा मकसद सिर्फ जांच करना नहीं, बल्कि अपने युवा दोस्तों को पूरी तरह से समाधान देना है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
कोई भी छात्र या अभ्यर्थी, जिसकी कोई मांग या सुझाव हो, वह राज्य सरकार के सामने अपनी बात रख सकता है। उनकी हर बात पूरी गंभीरता से सुनी जाएगी।’’
सोरेन ने बताया कि उन्होंने दिन में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से भी मुलाकात की और उन्हें छात्रों के प्रदर्शन समेत राज्य के मौजूदा हालात के बारे में अवगत कराया। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए सोरेन ने कहा, ‘‘राज्य की जांच एजेंसियां इस मामले पर पूरी गंभीरता और तेजी से काम कर रही हैं।
कई लोगों को पहले ही गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां छापेमारी भी कर रही हैं। मेरा मानना है कि आगे चलकर हम ठोस समाधान के लिए कोई फैसला लेंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कोई बातचीत हुई है, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है।
अगर जरूरत पड़ी, तो हम उनसे भी इस मामले पर चर्चा करेंगे।’’
झारखंड पीएससी और एसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, ‘लोक भवन’ के एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री सोरेन ने भर्ती में कथित अनियमितताओं और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर राज्यपाल से मुलाकात की। बयान के मुताबिक, राज्यपाल गंगवार ने परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की जरूरत और युवाओं का भरोसा बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।
लोक भवन के बयान के अनुसार, गंगवार ने कथित अनियमितताओं को ‘‘गंभीर चिंता का विषय’’ बताया। एक अधिकारी ने बताया कि कथित अनियमितताओं के मामले में झारखंड पुलिस का अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है। बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच जेपीएससी ने ‘‘अपरिहार्य परिस्थितियों’’ का हवाला देते हुए 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी थी।
सीआईडी ने 28 जुलाई से अब तक जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से चार बार पूछताछ की है और जांच के सिलसिले में रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 स्थानों पर छापेमारी भी की है।
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