हम अक्सर अपनी पसंद का खाना चुनते हैं। कोई पिज्जा का शौकीन होता है तो कोई मिठाई का। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे बॉडी ऑर्गन्स की भी अपनी पसंद-नापसंद होती है? अगर लिवर बोल पाता, तो शायद आपसे कहता- “मुझसे भी कभी पूछ लो कि मुझे क्या पसंद है।” आखिर यह शरीर का ऐसा अंग है, जो बिना रुके दिन-रात 500 से ज्यादा जरूरी काम करता है। शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने से लेकर खाने को एनर्जी में बदलने तक, इसके पास बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में लिवर की एक खास ‘चिट्ठी’ आपके नाम। लिवर का खत पढ़ने के बाद उसकी पसंद-नापसंद पर बात करेंगे, जैसेकि- एक्सपर्ट- डॉ. संजय गोजा, डायरेक्टर, लिवर ट्रांसप्लांट एंड HPB (हेप्टो-पैन्क्रियाटो-बिलियरी) सर्जरी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सबसे पहले लिवर की चिट्ठी आपके नाम प्रिय साथी, मैं आपका लिवर हूं। हो सकता है, आपने कभी मुझे देखा न हो। शायद मेरे बारे में ज्यादा सोचा भी न हो। लेकिन मैं आपको बहुत अच्छी तरह जानता हूं। सुबह की पहली चाय से लेकर रात के आखिरी निवाले तक, जो कुछ भी आप खाते-पीते हैं, वह मेरे पास जरूर आता है। मैं बिना छुट्टी लिए, बिना शिकायत किए, दिन-रात काम करता रहता हूं। आपने मिठाई खाई? मैंने उसे संभाला। आपने दवा ली? मैंने उसे प्रोसेस किया। आपने बाहर का तला-भुना खाना खाया? उसका हिसाब भी मुझे ही रखना पड़ा। यहां तक कि आपने शराब पी और उसकी सफाई भी मैंने ही की। आपके शरीर को ऊर्जा चाहिए, विटामिन चाहिए, खून बनाने में मदद चाहिए या हानिकारक पदार्थों को बेअसर करना है, हर बार मैं चुपचाप अपनी ड्यूटी निभाता हूं। सच कहूं, मुझे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। बस इतना कि आप कभी-कभी मेरी तरफ भी देख लिया करें। जब आपकी थाली में फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स होते हैं, तो मुझे लगता है जैसे आपने मेरा हाथ बंटा दिया हो। लेकिन जब बार-बार ज्यादा मीठा, तला-भुना और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाना मेरे हिस्से आता है, तो मुझे ओवरटाइम करना पड़ता है। मेरी एक खासियत भी है और यही मेरी सबसे बड़ी कमजोरी भी। मैं तब तक शोर नहीं मचाता, जब तक परेशानी काफी बढ़ न जाए। यही वजह है कि कई लोग मेरी बीमारी का पता तब लगाते हैं, जब मैं काफी थक चुका होता हूं। इसलिए मेरे थकने, शोर मचाने का इंतजार मत कीजिए। आज से ही मेरा थोड़ा-सा ख्याल रखिए। यकीन मानिए… अगर आप रोज मेरी थोड़ी-सी परवाह करेंगे, तो मैं पूरी जिंदगी आपकी सेहत की पहरेदारी करता रहूंगा। आपका सबसे मेहनती, लेकिन सबसे कम याद किया जाने वाला साथी, लिवर सवाल- लिवर शरीर में क्या काम करता है? जवाब- लिवर 500 से ज्यादा जरूरी बायोलॉजिकल प्रोसेस को कंट्रोल करता है। इसलिए इसे ‘केमिकल फैक्ट्री’ भी कहते हैं। इसके मुख्य काम इस प्रकार हैं- सवाल- लिवर के लिए कौन-से फूड सबसे अच्छे हैं? जवाब- कुछ फूड्स लिवर की फंक्शनिंग को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। पूरी लिस्ट नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- ये फूड्स लिवर को हेल्दी रखने में कैसे मदद करते हैं? जवाब- इन फूड्स में फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट्स, हेल्दी फैट्स और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो लिवर हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- कॉफी हरी पत्तेदार सब्जियां फल नट्स फैटी फिश दालें और बीन्स साबुत अनाज ऑलिव ऑयल सवाल- लिवर के लिए सबसे खराब फूड कौन-से हैं? जवाब- कुछ फूड्स और ड्रिंक्स रेगुलर या ज्यादा मात्रा में खाने-पीने से लिवर पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ग्राफिक में ऐसे फूड्स की लिस्ट देखिए- सवाल- अगर किसी को फैटी लिवर हो तो उसे क्या खाना चाहिए? जवाब- फैटी लिवर हो तो ऐसी डाइट लेनी चाहिए, जो लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने, सूजन घटाने और वजन को कम रखने में मदद करे। इसके लिए- सवाल- क्या वजन घटाने से लिवर ठीक हो सकता है? जवाब- यह लिवर की समस्या पर निर्भर करता है, जैसेकि- सवाल- क्या सिर्फ वजन कम करने से फैटी लिवर में सुधार आता है? जवाब- हां, ‘अमेरिकन गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिकल एसोसिएशन’ के मुताबिक, शरीर का 5% या उससे अधिक वजन घटाने से लिवर में जमा फैट कम हो सकता है। वहीं 7-10% वजन कम करने पर लिवर की सूजन घट सकती है और उसकी फंक्शनिंग सुधर सकती है। हालांकि केवल वजन कम कर लेना ही काफी नहीं है। बेहतर रिजल्ट के लिए ये तीन चीजें भी जरूरी हैं- सवाल- क्या लिवर को भी डिटॉक्स की जरूरत होती है? जवाब- नहीं, आमतौर पर लिवर को अलग से डिटॉक्स करने की जरूरत नहीं होती। लिवर शरीर का ऐसा ऑर्गन है, जो खुद ही लगातार ब्लड को फिल्टर करता है, न्यूट्रिएंट्स को प्रोसेस करता है और टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। सवाल- क्या लिवर डिटॉक्स ड्रिंक और डिटॉक्स पाउडर सच में काम करते हैं? जवाब- नहीं, इसका कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं है। कोई भी ड्रिंक, जूस या सप्लीमेंट लिवर को अचानक ‘साफ’ या ‘रीसेट’ नहीं करता है। सवाल- क्या नींबू पानी लिवर साफ करता है? जवाब- नहीं, नींबू पानी सीधे तौर पर लिवर को डिटॉक्स नहीं करता। हालांकि नींबू पानी लिवर के बेहतर कामकाज को सपोर्ट कर सकता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, जो लिवर के लिए जरूरी है। पर्याप्त पानी मिलने पर लिवर शरीर से टॉक्सिन्स को आसानी से बाहर निकाल पाता है। सवाल- क्या घी लिवर के लिए खराब है? जवाब- नहीं, सीमित मात्रा में घी एक बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा है। इसमें फैट सॉल्यूबल विटामिन और कुछ हेल्दी फैटी एसिड भी होते हैं। सवाल- क्या फैटी लिवर में अंडा खा सकते हैं? जवाब- हां, अंडा प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। इसे बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। सवाल- क्या कॉफी लिवर को नुकसान पहुंचाती है? जवाब- नहीं, सीमित मात्रा में कॉफी लिवर को नुकसान नहीं पहुंचाती, उल्टे फायदा करती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के मुताबिक, रोजाना 2-3 कप बिना चीनी–दूध वाली ब्लैक कॉफी लिवर के लिए फायदेमंद है। सवाल- क्या फल में मौजूद शुगर भी फैटी लिवर बढ़ाता है? जवाब- नहीं, फल में मौजूद नेचुरल शुगर फैटी लिवर का रिस्क नहीं बढ़ाता है। फल फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। सवाल- क्या हल्दी लिवर को फायदा पहुंचाती है? जवाब- हां, हल्दी लिवर के लिए फायदेमंद है। हल्दी में पाया जाने वाला एक्टिव कंपाउंड कर्क्यूमिन अपने एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। सवाल- लिवर खराब होने के शुरुआती संकेत क्या हैं? जवाब- लिवर डिजीज के शुरुआती फेज में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। लेकिन कुछ संकेतों को बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसे नीचे ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को लिवर डिजीज का जोखिम ज्यादा होता है? जवाब- जिनकी लाइफस्टाइल खराब है, उन्हें इसका रिस्क ज्यादा होता है। इसके अलावा किन्हें रिस्क है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें- ……………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए
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