Semal Tree Benefits: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जैसे तराई इलाकों में पाया जाने वाला सेमल का पेड़ आयुर्वेद में किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है. वैज्ञानिक रूप से ‘बॉम्बैक्स सीइबा’ के नाम से मशहूर इस पेड़ के फूल, फल, छाल, जड़ और यहां तक कि कांटे भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. स्थानीय निवासी दिलीप कुमार राठौर बताते हैं कि सेमल में एंटी-कैंसर, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे कई गुण पाए जाते हैं, जो लीवर की खराबी से लेकर चेहरे के कील-मुंहासों तक में राहत दिलाते हैं. बसंत के मौसम में खिलने वाले इसके फूलों का काढ़ा पेट की समस्याओं जैसे कब्ज और अल्सर के लिए रामबाण है, वहीं इसकी सब्जी महिलाओं में ल्यूकोरिया और अनियमित पीरियड्स जैसी दिक्कतों को दूर करने में बेहद मददगार साबित होती है. जोड़ों के दर्द और सूजन में भी इसके पत्तों का लेप जादू की तरह काम करता है. स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ यह किसानों के लिए भी मुनाफे का सौदा है, क्योंकि मात्र 5 से 7 साल में तैयार होने वाला यह पेड़ खेतों की मेड़ों पर लगकर अतिरिक्त आय का जरिया बनता है.
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