सितंबर 2026 में HDFC बैंक की MCLR दरें
ओवरनाइट 7.90%, 1 महीने की 7.90%, 3 महीने की 8.05%, 6 महीने की 8.25%, 1 साल की 8.35%, 2 साल की 8.45% और 3 साल की 8.60% है, यानी बैंक ने सभी लिस्टेड अवधियों में 0.05 से 0.10 प्रतिशत अंक तक की कटौती की है।
| Tenure | September 2026 | August 2026 | Change |
|---|---|---|---|
| Overnight | 7.90% | 8.00% | 0.10% |
| 1 Month | 7.90% | 8.00% | 0.10% |
| 3 Month | 8.05% | 8.15% | 0.10% |
| 6 Month | 8.25% | 8.30% | 0.05% |
| 1 Year | 8.35% | 8.40% | 0.05% |
| 2 Year | 8.45% | 8.55% | 0.10% |
| 3 Year | 8.60% | 8.65% | 0.05% |
अब सवाल है कि MCLR क्या होता है?
आसान भाषा में समझें तो MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिसके नीचे बैंक आमतौर पर किसी लोन की ब्याज दर तय नहीं कर सकता, जब तक नियामकीय नियमों के तहत कोई विशेष प्रावधान न हो। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने MCLR व्यवस्था को अप्रैल 2016 में लागू किया था। हालांकि, किसी ग्राहक की वास्तविक लोन ब्याज दर केवल MCLR पर निर्भर नहीं करती, बल्कि लोन के प्रकार, बैंक के स्प्रेड और ग्राहक से जुड़े अन्य मानकों पर भी निर्भर कर सकती है।
HDFC बैंक की अन्य प्रमुख दरों की बात करें तो बैंक का बेस रेट 24 जून 2026 से 8.70% है। इसी तारीख से BPLR (Benchmark Prime Lending Rate) 17.20% सालाना है। वहीं, बैंक की FD पर सामान्य ग्राहकों को 2.75% से 6.50% तक और वरिष्ठ नागरिकों को 3.25% से 7% तक ब्याज मिल रहा है। ऐसे में MCLR में कटौती लोन ग्राहकों के लिए राहत का संकेत है, लेकिन EMI पर वास्तविक असर उनके लोन के रीसेट नियम और ब्याज दर व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
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