NHAI से मिला ₹28.47 करोड़ का ऑर्डर
कंपनी के मुताबिक, उसे यह कॉन्ट्रैक्ट प्रतिस्पर्धी बोली यानी ई-टेंडर के जरिए मिला है। इसमें मडांगुंडी टोल प्लाज़ा पर यूजर फीस कलेक्शन एजेंसी के तौर पर काम करना शामिल है। इसके अलावा आसपास मौजूद टॉयलेट ब्लॉक्स की देखरेख और रखरखाव तथा जरूरी कंज्यूमरबेल आइटम (consumable items) की उपलब्धता भी कंपनी की जिम्मेदारी होगी। फाइलिंग के अनुसार इस कॉन्ट्रैक्ट का अनुमानित साइज करीब ₹28.47 करोड़ है।
NHAI से मिला यह ऑर्डर कंपनी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उसके कारोबार में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़ा काम बढ़ सकता है। हालांकि, केवल ऑर्डर मिलने को शेयर में तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। निवेशकों को यह भी देखना होगा कि कंपनी इस प्रोजेक्ट से कितना मुनाफा कमा पाती है और आगे कितने नए ऑर्डर हासिल करती है।
शेयर में लगातार गिरावट
नए ऑर्डर की खबर के बावजूद हज़ूर मल्टी प्रोजेक्ट्स (Hazoor Multi Projects) के शेयर का हालिया प्रदर्शन कमजोर रहा है। शुक्रवार को शेयर ₹20.85 पर बंद हुआ। एक सप्ताह में इसमें करीब 7.58% की गिरावट आई है, जबकि एक महीने में शेयर लगभग 12% नीचे है। 6 महीने की अवधि में गिरावट करीब 40% और एक साल में लगभग 52% रही है।
क्या करें निवेशक?
2026 में अब तक शेयर करीब 43% टूट चुका है, यानी कंपनी को नया NHAI ऑर्डर मिलने के बावजूद बाजार फिलहाल शेयर को लेकर पूरी तरह उत्साहित नहीं है। इसका एक कारण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और शेयर में पहले से मौजूद बिकवाली का दबाव हो सकता है। इसलिए सोमवार को अगर शेयर में तेजी आती भी है, तो निवेशकों को केवल एक दिन की चाल देखकर निर्णय लेने से बचना चाहिए।
लंबी अवधि में रहा है जबरदस्त रिटर्न
हालिया कमजोरी के बावजूद हज़ूर मल्टी प्रोजेक्ट्स (Hazoor Multi Projects) ने लंबी अवधि में निवेशकों को बेहद शानदार रिटर्न दिया है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 सालों में शेयर करीब 1,071% और पिछले 10 सालों में लगभग 15,900% चढ़ा है। यही वजह है कि इसे मल्टीबैगर स्टॉक के तौर पर भी देखा जाता रहा है। लेकिन, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। किसी शेयर का पिछला मल्टीबैगर प्रदर्शन यह गारंटी नहीं देता कि भविष्य में भी वही रिटर्न मिलेगा।
शेयर प्रदर्शन
बीते शुक्रवार को BSE पर हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स का शेयर 3.29% गिरकर ₹20.85 पर बंद हुआ। पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 7.58% और एक महीने में लगभग 12% टूट चुका है। ऐसे में नया ऑर्डर शेयर में हलचल बढ़ा सकता है, लेकिन निवेशकों के लिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और शेयर की हालिया कमजोरी को भी नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा।
Q1 नतीजों में दिखी मिली-जुली तस्वीर
कंपनी के FY27 की पहली तिमाही के प्रदर्शन की बात करें तो आंकड़े मिश्रित रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (standalone revenue) करीब 4.6% बढ़कर ₹10,367.04 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹9,916.22 करोड़ था। वहीं, स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (standalone profit after tax -PAT) में करीब 59% की गिरावट बताई गई है और यह ₹460.03 करोड़ रहा, जबकि Q1 FY26 में ₹1,123.55 करोड़ था।
कंसोलिडेटेड आधार पर रेवेन्यू में करीब 10.8% की वृद्धि बताई गई है और यह ₹11,966.38 करोड़ रहा। हालांकि, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज होने की बात कही गई है।
नोट:- दिए गए वित्तीय आंकड़ों में कंपनी के आकार और रेवेन्यू/PAT के बीच असामान्य अंतर दिखाई देता है, इसलिए प्रकाशित करने से पहले Q1 FY27 की मूल एक्सचेंज फाइलिंग से इन आंकड़ों को दोबारा सत्यापित करना उचित होगा।
₹28.47 करोड़ का NHAI ऑर्डर हज़ूर मल्टी प्रोजेक्ट्स (Hazoor Multi Projects) के लिए सकारात्मक खबर है, लेकिन शेयर की हालिया 40-50% की गिरावट और कमजोर मुनाफे को देखते हुए इसे सिर्फ ऑर्डर मिलने के आधार पर निवेश का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। सोमवार को बाजार की प्रतिक्रिया जरूर देखने लायक होगी, लेकिन निवेशकों के लिए असली सवाल यह होगा कि कंपनी नए ऑर्डर्स को लगातार और मुनाफे के साथ कारोबार में कैसे बदलती है।
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