हर्ष की तैयारी में उनके परिवार का योगदान भी बेहद अहम रहा। उनके चाचा और बहनों ने घर की जिम्मेदारियों के साथ खेती-किसानी का काम संभाला, ताकि हर्ष अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी पर लगा सकें।
किसान परिवार से आते हैं हर्ष
हर्ष सोलंकी मध्य प्रदेश के धार जिले के गांधवानी के रहने वाले हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है और वह सिरवी समुदाय से आते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन हर्ष के माता-पिता ने उनकी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी।
हर्ष के पिता शंकर लाल सोलंकी पिछले करीब छह वर्षों से पैरालिसिस से पीड़ित हैं। उनकी बीमारी के कारण परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हुईं। खेती पर निर्भर परिवार के लिए ऐसी परिस्थितियों में घर चलाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने हर्ष की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में कोई कमी नहीं आने दी।
चाचा और बहनों ने संभाली घर-खेती की जिम्मेदारी
हर्ष की तैयारी में उनके परिवार का योगदान भी बेहद अहम रहा। उनके चाचा और बहनों ने घर की जिम्मेदारियों के साथ खेती-किसानी का काम संभाला, ताकि हर्ष अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी पर लगा सकें। परिवार के इस सहयोग ने हर्ष को लगातार पढ़ाई करने का मौका दिया। उन्होंने भी इस जिम्मेदारी को समझते हुए अपनी तैयारी में पूरी गंभीरता बरती और एक अनुशासित रूटीन के साथ आगे बढ़ते रहे।
पहले प्रयास में फेल
UPSC CAPF परीक्षा के पहले प्रयास में हर्ष को सफलता नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने इस असफलता को अपनी मंजिल का अंत नहीं माना। इसके बजाय उन्होंने अपनी तैयारी का विश्लेषण किया और यह समझने की कोशिश की कि कहां कमी रह गई थी। पहले प्रयास के अनुभव से उन्होंने अपनी कमजोरियों को पहचाना और तैयारी की रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने शॉर्टकट या कुछ दिनों की मेहनत के बजाय नियमित पढ़ाई, अनुशासन और निरंतरता पर फोकस किया।
रोज 8 से 10 घंटे करते थे पढ़ाई
दूसरे प्रयास की तैयारी के दौरान हर्ष ने रोजाना करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने अपनी तैयारी के लिए एक तय रूटीन बनाया और लंबे समय तक उसे लगातार फॉलो किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। हर्ष ने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 2026 में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 5 प्राप्त की। इस तरह पहली कोशिश में मिली असफलता के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और देश के टॉप सफल उम्मीदवारों में जगह बनाई।
BSF में सेवा करना चाहते हैं हर्ष
हर्ष के लिए यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने या रैंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। उनका लंबे समय से सपना वर्दी पहनकर देश की सेवा करना रहा है। उनकी पहली पसंद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) है और वह इसी के जरिए देश की सेवा शुरू करना चाहते हैं।
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