विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों से पहले इंग्लैंड की टीम अपनी एक खास तैयारी को लेकर चर्चा में है। मेक्सिको के खिलाफ अंतिम-16 मुकाबले से पहले टीम का पूरा ध्यान मैदान की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने पर है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के चिकित्सा विभाग ने खिलाड़ियों को एक ऐसी दवा के इस्तेमाल का विकल्प दिया है, जो कम ऑक्सीजन वाले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकती है।
बता दें कि इंग्लैंड और मेक्सिको के बीच यह मुकाबला मेक्सिको सिटी के प्रसिद्ध एस्टादियो एज़्टेका स्टेडियम में खेला जाएगा। यह स्टेडियम समुद्र तल से लगभग 2,240 मीटर यानी करीब 7,350 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इतनी अधिक ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसका असर खिलाड़ियों की दौड़ने की क्षमता, तेजी से उबरने और पूरे मुकाबले के दौरान ऊर्जा बनाए रखने पर पड़ सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड के चिकित्सा विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों को कई तरह की तैयारियों के साथ एक ऐसी दवा का भी विकल्प दिया है, जिसका उपयोग सामान्य रूप से एक अलग चिकित्सकीय समस्या के इलाज के लिए किया जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दवा रक्त वाहिकाओं को फैलाने का काम करती है, जिससे शरीर में रक्त संचार बेहतर हो सकता है। इसी कारण लंबे समय से यह अध्ययन किया जाता रहा है कि क्या ऊंचाई वाले इलाकों में यह दवा खिलाड़ियों को कम ऑक्सीजन की स्थिति से निपटने में कुछ मदद पहुंचा सकती है।
गौरतलब है कि यह दवा विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल नहीं है। इसलिए खेल नियमों के तहत खिलाड़ी इसका उपयोग कर सकते हैं। हालांकि अब तक हुए वैज्ञानिक अध्ययनों में यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो पाया है कि सामान्य परिस्थितियों या समुद्र तल के आसपास यह दवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कोई बड़ा सुधार करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका संभावित लाभ केवल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ही देखने को मिल सकता है, जहां ऑक्सीजन की कमी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
इंग्लैंड की टीम के लिए इस दवा का उद्देश्य किसी भी तरह का अनुचित खेल लाभ लेना नहीं, बल्कि मेक्सिको सिटी जैसी कठिन परिस्थितियों में खिलाड़ियों को बेहतर ढंग से ढालना बताया जा रहा है। टीम प्रबंधन का मानना है कि ऊंचाई के कारण होने वाली शारीरिक परेशानियों को कम करना मुकाबले की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दूसरी ओर मेक्सिको अपने घरेलू मैदान पर बेहद मजबूत रिकॉर्ड के साथ मैदान में उतरेगा। मौजूद आंकड़ों के अनुसार, एस्टादियो एज़्टेका में मेक्सिको ने अब तक 89 मुकाबले खेले हैं, जिनमें उसे केवल दो बार हार का सामना करना पड़ा है। इस मैदान पर उसकी पिछली हार वर्ष 2013 में हुई थी। मौजूदा विश्व कप में भी मेक्सिको ने अपने सभी चार मुकाबले जीतकर शानदार लय बरकरार रखी है।
बता दें कि मेक्सिको ने अंतिम-32 के मुकाबले में इक्वाडोर को 2-0 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई थी। वहीं इंग्लैंड को अगले दौर में पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के खिलाफ मुकाबले में टीम एक समय पिछड़ रही थी, लेकिन कप्तान हैरी केन ने अंतिम क्षणों में दो गोल कर इंग्लैंड को 2-1 की यादगार जीत दिलाई थी।
अब दोनों टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला काफी रोमांचक माना जा रहा है। एक ओर मेक्सिको को घरेलू परिस्थितियों और अपने मजबूत रिकॉर्ड का फायदा मिलेगा, तो दूसरी ओर इंग्लैंड हर संभव वैज्ञानिक और चिकित्सकीय तैयारी के साथ मैदान में उतरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ऊंचाई वाले इस ऐतिहासिक मैदान पर कौन सी टीम बेहतर प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बनाने में सफल होती है।
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