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हार्दिक पांड्या ने भारत को विश्वकप जिताने में बड़ा योगदान दिया. उन्होंने 9 मैचों में 217 रन बनाए और 9 विकेट भी लिए. उनके खेल की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है, पाकिस्तान में भी हार्दिक पांड्या के हरफनमौला खेल को खूब सराहा जा रहा है.
हार्दिक पांड्या
पांड्या का खेल जितना निराला है, उतनी ही खास कहानी उनके भारतीय टीम से जुड़ने की है. भले ही भारत में कभी इसकी चर्चा नहीं होती, मगर पाकिस्तान में हार्दिक के लाइमलाइट में आने के खूब चर्चे हैं. पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर राशिद लतीफ ने हाल ही में इसका खुलासा किया है.
हार्दिक पांड्या ने भारत को विश्वकप जिताने में बड़ा योगदान दिया. उन्होंने 9 मैचों में 217 रन बनाए और 9 विकेट भी लिए. नामीबिया और जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए वह मैन ऑफ द मैच भी चुने गए. भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पांड्या के प्रदर्शन को सराहा गया. पाकिस्तान में भी पांड्या के खूब चर्चे हुए. यहां राशिद लतीफ के अलावा पूर्व तेज गेंदबाज मो. आमिर और अहमद शहजाद ने भी हार्दिक की तारीफ की. इसी दौरान राशिद लतीफ ने पांड्या के इंटरनेशनल क्रिकेट में आने की कहानी बताई.
भारत की वर्ल्डकप में जीत पर बीसीसीआई, खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया और उनके मोमेंटम की तारीफ करते हुए पूर्व दिगज क्रिकेटर राशिद लतीफ ने कहा कि भारत में खिलाड़ियों को हंट किया जाता है. वहां सिर्फ अच्छा खेलना टीम में आने की गारंटी नही, उनका मेंटल लेबल, परफॉर्मेंस और निरंतरता सब देखा जाता है. राशिद लतीफ के मुताबिक उनकी मुंबई इंडियंस के मैनेजमेंट के साथ काम करने वाले किरन मोरे से बात हुई थी. उन्होंने बताया कि जॉन राइट जब टीम के हेड कोच थे तब वह अक्षर पटेल को देखने के लिए गुजरात गए थे. वहां उन्होंने हार्दिक पांड्या को देखा और मुंबई इंडियंस में ले आए.
हार्दिक पांड्या और उनकी गर्लफ्रेंड महिका
हार्दिक पांड्या को जब पहली मुंबई इंडियंस ने अपने साथ जोड़ा था तो उन्हें 10 लाख रुपये सैलरी दी गई थी. पहले ही सीजन में हार्दिक पांड्या ने कमाल दिखाया, रणजी में भी उनका बेहतरीन प्रदर्शन रहा और इसका इनाम उन्हें मिला भारतीय टीम में सेलेक्शन के तौर पर. जनवरी 2016 में उन्होंने पहली बार टी-20 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में आगाज किया. इसी साल अक्टूबर में उन्हें धर्मशाला में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में पदार्पण करने का मौका मिला.
भारत की वर्ल्डकप में जीत पर बीसीसीआई, खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया और उनके मोमेंटम की तारीफ करते हुए पूर्व दिगज क्रिकेटर राशिद लतीफ ने कहा कि भारत में खिलाड़ियों को हंट किया जाता है. वहां सिर्फ अच्छा खेलना टीम में आने की गारंटी नही, उनका मेंटल लेबल, परफॉर्मेंस और निरंतरता सब देखा जाता है. राशिद लतीफ के मुताबिक उनकी मुंबई इंडियंस के मैनेजमेंट के साथ काम करने वाले किरन मोरे से बात हुई थी. उन्होंने बताया कि जॉन राइट जब टीम के हेड कोच थे तब वह अक्षर पटेल को देखने के लिए गुजरात गए थे. वहां उन्होंने हार्दिक पांड्या को देखा और मुंबई इंडियंस में ले आए.
हार्दिक पांड्या और उनकी गर्लफ्रेंड महिका
हार्दिक पांड्या को जब पहली मुंबई इंडियंस ने अपने साथ जोड़ा था तो उन्हें 10 लाख रुपये सैलरी दी गई थी. पहले ही सीजन में हार्दिक पांड्या ने कमाल दिखाया, रणजी में भी उनका बेहतरीन प्रदर्शन रहा और इसका इनाम उन्हें मिला भारतीय टीम में सेलेक्शन के तौर पर. जनवरी 2016 में उन्होंने पहली बार टी-20 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में आगाज किया. इसी साल अक्टूबर में उन्हें धर्मशाला में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में पदार्पण करने का मौका मिला.
तीन साल कड़ी मेहनत करने के बाद जब मुंबई इंडियंस ने हार्दिक को रिटेन किया तो उन्हें 11 करोड़ रुपये दिए गए. 10 लाख रुपये से 11 करोड़ रुपये तक पहुंचना हार्दिक के लिए एक बड़ा जंप था. 2021 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे इसके बाद वह गुजरात टाइटंस का हिस्सा बने. मेगा ऑक्शन में टीम ने उन्हें 15 करोड़ रुपये में खरीदा. दो सीजन इसके साथ रहने के बाद मुंबई ने ट्रेड के जरिए उन्हें वापस ले लिया और 2025 में उन्हें 16.35 करोड़ रुपये में रिटेन किया.

भारतीय टीम में चयन के लिए हार्दिक को एक कंप्लीट ऑलराउंडर के तौर पर देखा गया. मुंबई में पहले जॉनराइट, फिर कोच रिकी पोटिंग और मेंटर सचिन तेंदुलकर ने हार्दिक को निखारा. पहले ही सीजन में उन्होंने 31 गेंदों पर नाबाद 61 रन बनाकर सबका ध्यान खींचा था. इसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें एक आलराउंडर के तौर पर ही टीम में शामिल किया. उस समय दिग्गज क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने हा था कि हार्दिक अपनी परफॉर्मेंस के दम पर आईपीएल में आए हैं.
जॉन राइट 2000 से लेकर 2005 तक इंडियन टीम के कोच रहे थे, जिन पर फिक्सिंग के आरोपों के बाद भारतीय टीम को संवारने और तराशने की जिम्मेदारी थी. तत्कालीन कप्तान सौरभ गांगुली के साथ मिलकर उन्होंने ऐसा करके भी दिखाया. इसी को देखते जॉन राइट को मुंबई इंडियंस ने 2013 में कोच बताया था. यह सीजन मुंबई इंडियंस ने चेन्नई को हराकर जीता था. इसके बाद वह मुंबई इंडियंस ने जुड़कर टैलेंट स्काउट यानी अच्छे खिलाड़ियों की खोज करते थे. हार्दिक पांड्या ही नहीं बल्कि जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी भी जॉन राइट की ही खोज रहे. वह तकरीबन 2019 तक मुंबई इंडियंस से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे.
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