केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण करने के दौरान कहा कि अब तक 24 कंपनियों ने 5,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिससे करीब 18,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (एसएडीए) में प्रस्तावित टीएमजेड के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि ग्वालियर अब देश में दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया ने एक बयान में कहा कि ग्वालियर में स्थापित होने वाला यह एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक औद्योगिक इकाई की स्थापना नहीं है, बल्कि ग्वालियर में दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी 24-25 विनिर्माण इकाइयों का पूरा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है। इन इकाइयों में दूरसंचार उपकरण और विभिन्न अन्य उपकरणों का निर्माण किया जाएगा।’’
सिंधिया ने कहा कि निवेशकों की रुचि इतनी अधिक है कि वर्तमान में उपलब्ध भूमि की तुलना में अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में टीएमजेड के पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की पहचान की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भूमि आवंटन बढ़ाया जाएगा।’’
जुलाई 2026 में केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के बीच टीएमजेड की स्थापना को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके बाद अगस्त में सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए। बयान में कहा गया कि दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में कंपनियों की ओर से करीब 3,500 करोड़ रुपये और मुंबई में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई थी। इन निवेशों से 18,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सिंधिया ने यह भी स्पष्ट किया कि निवेश की घोषणाएं केवल मौखिक प्रतिबद्धताएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘निवेश में रुचि दिखाने वाली कंपनियों से भूमि आवंटन के समय ही आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने को कहा गया था। परिणामस्वरूप, 24 कंपनियों ने टीएमजेड के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।’’
केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों की सराहना करते हुए कहा कि आज ग्वालियर की सबसे बड़ी ताकत संपर्क, बुनियादी ढांचा और कुशल मानव संसाधन है।
उन्होंने कहा, ‘‘ग्वालियर को दिल्ली और उत्तर भारत के बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए करीब 120 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर उच्च गति गलियारा विकसित हो रहा है। यह संपर्क ग्वालियर को बड़े औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों के और करीब लाएगा।’’
सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार, मध्यप्रदेश सरकार और संबंधित विभागों की पूरी टीम निवेशकों को ग्वालियर में उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने घोषणा की कि वह 22 सितंबर को बेंगलुरु जाएंगे और वहां दूरसंचार क्षेत्र के निवेशकों के साथ निवेशक सम्मेलन करेंगे।
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