(फोटो के साथ)
गुरुग्राम, 25 अगस्त गुरुग्राम में मंगलवार को लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया, जिसकी वजह से शहर के लोगों को एक बार फिर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा। सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी अभी निकला भी नहीं था कि मंगलवार को रुक-रुक कर हुई बारिश और शाम को हुई तेज बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। जिला प्रशासन की ओर से जारी परामर्श को देखते हुए शहर के स्कूलों की कक्षाएं ऑनलाइन हुईं, जबकि कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा।
शहर में दो जगह सड़क धंसने की घटनाएं हुईं। गुरुग्राम के नगर निगम क्षेत्रों में 408 वर्षा जल संचयन प्रणालियां लगी होने के बावजूद जलभराव की समस्या बनी हुई है। लगभग 35 मिनट में करीब 70 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए।
सुभाष चौक पर नौ स्कूल बस समेत करीब 15 वाहन पानी में फंस गए। इन बसों में 300 से ज्यादा स्कूली बच्चे करीब दो घंटे तक फंसे रहे। एक अन्य घटना में दिल्ली-जयपुर राजमार्ग के किनारे इफ्को चौक पर सर्विस लेन का एक हिस्सा धंस गया और वहां बड़ा गड्ढा बन गया।
एक अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की टीम मौके पर पहुंची। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला कि जीएमडीए की सीवर लाइन में रिसाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क धंस गई। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावित हिस्से के आसपास बैरिकेड लगा दिए गए हैं।
चूंकि यह सर्विस लेन दिल्ली-जयपुर राजमार्ग का हिस्सा है, इसलिए सीवर लाइन का रिसाव ठीक होने के बाद सड़क की मरम्मत का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) करेगा। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल वाहन चालकों के लिए इस इलाके को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है और जीएमडीए की टीम रिसाव ठीक करने का प्रयास कर रही है। पानी से भरी सड़कों और लगातार यातायात जाम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
एक वीडियो में तेज बारिश के कारण फंसी छोटी बच्ची रोती हुई दिख रही है। एक अन्य वीडियो ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को हैरान कर दिया, जिसमें एक युवक पानी से भरी सड़क पर फंसी कैब की छत पर बैठकर लैपटॉप पर काम करता दिखाई दे रहा है। जलभराव की समस्या कम न होने के कारण गुरुग्राम प्रशासन को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है।
नाराज लोग अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कर रहे हैं। एक ‘एक्स’ उपयोगकर्ता ने लिखा, “मैं 15 साल पहले दिल्ली से गुरुग्राम आया था। अब ऐसा लगता है कि सिर्फ मेरा पिन कोड बदला है।”
उपयोगकर्ता ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में लगातार होने वाले जलभराव से इसकी तुलना की।
मार्केटिंग सलाहकार प्रेरणा ने प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, गुरुग्राम सरकार को बर्खास्त कर दीजिए।”
अभिनेता और लेखक सुहेल सेठ ने व्यंग्य करते हुए कहा कि गुरुग्राम में जलभराव की स्थिति की आलोचना करना बहुत गलत है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “हाल ही में वेनिस बिएनाले हुआ था और मुख्यमंत्री नायब सैनी की इच्छा है कि हमें भी ऐसा ही अनुभव मिले। कृपया सकारात्मक सोचिए।
हमेशा गिलास को आधा खाली नहीं, बल्कि आधा भरा हुआ देखिए।”
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी गुरुग्राम में जलभराव को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री पर हमला बोला। सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “गुरुग्राम का बुनियादी ढांचा ‘ढह गया’ है, सड़कें पानी में डूबी हैं और जाम लगा हुआ है, सलाह दी जा रही है कि ‘घर से काम करें’।”
उन्होंने कहा, “नायब सैनी और भाजपा सरकार की व्यवस्था—स्कूल बसें फंसी हुई हैं, सड़कें और गलियां पानी में डूबी हैं, लोगों को करंट लग रहा है, सरकार और प्रशासन गायब हैं, हर तरफ अव्यवस्था है, अपनी मदद खुद करो। 1,400 करोड़ रुपये खर्च किए गए, नतीजा शून्य।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.