MBBS Seats: गुजरात में एनएमसी की मंजूरी से 300 प्राइवेट एमबीबीएस सीटें बढ़ने से कुल संख्या 7200 से बढ़कर 7,500 हो गई है। क्वालीफाई छात्रों की संख्या कम होने से इस बार मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद है।
किन-किन शहरों और कॉलेजों को मिलीं नई सीटें?
एनएमसी द्वारा दी गई मंजूरी के अनुसार, ये सभी 300 नई सीटें प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में जोड़ी गई हैं। इसमें चार प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 50-50 नई सीटें बढ़ाई गई हैं:
विसनगर: यहां के मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या 150 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
सुरेंद्रनगर: इस मेडिकल कॉलेज में MBBS सीटें 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है।
नडियाद और सूरत : इन दोनों शहरों के मेडिकल कॉलेजों में भी 50-50 MBBS सीटों का इजाफा हुआ है।
इसके अलावा, भरूच और अमरेली के दो प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 50-50 सीटों को फिर से बहाल किया गया है। ये दोनों कॉलेज पहले 200 सीटों की क्षमता पर चल रहे थे, जिन्हें हाल के वर्षों में घटाकर 150 कर दिया गया था। अब पुरानी क्षमता बहाल होने से यहां भी 100 सीटों पर एडमिशन मिलेगा।
नीट काउंसलिंग के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
काउंसलिंग और कॉलेज रिपोर्टिंग के समय अभ्यर्थियों के पास ये डॉक्यूमेंट होने आवश्यक हैं:
नीट यूजी 2026 का एडमिट कार्ड और स्कोरकार्ड।
कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट।
वैलिड पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि)।
पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और श्रेणी/जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
मेरिट कट-ऑफ में गिरावट की उम्मीद
इस साल मेडिकल में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए एक और अच्छी खबर है। एक्सपर्ट और दाखिला प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस बार एमबीबीएस एडमिशन की मेरिट कट-ऑफ में गिरावट आ सकती है।
इसका मुख्य कारण यह है कि पिछले साल की तुलना में इस बार गुजरात से लगभग 12,000 कम छात्रों ने मेडिकल दाखिले के लिए क्वालीफाई किया है। सीटों में 300 का इजाफा और क्वालीफाई छात्रों की कम संख्या के कारण औसतन कम अंक पाने वाले छात्रों को भी एमबीबीएस में सीट मिलने की संभावना बढ़ गई है।
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