भारतीय कंपनियों पर असर
एनालिस्टों के मुताबिक, ग्राफटेक के इस ऐलान से ग्रेफाइट इंडिया और HEG की ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस को फायदा होगा। फिलहाल, इस सेक्टर में ग्रेफाइट इंडिया ही एकमात्र लिस्टेड कंपनी है, क्योंकि HEG का इलेक्ट्रोड बिजनेस अगले महीने डिमर्जर के बाद स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने वाला है।
मोटे-मोटे हिसाब से, ग्राफटेक की औसत ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कीमत 4,100 डॉलर प्रति टन थी। एनालिस्टों को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2028 तक यह आंकड़ा 6,250 डॉलर प्रति टन तक पहुंच सकता है। अगर कीमतें ऐसी ही बढ़ती रहीं, तो भारतीय ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतों में 1,500 डॉलर प्रति टन का इजाफा हो सकता है।
कैसे रहे ग्रेफाइट इंडिया के नतीजे
पिछले महीने ग्रेफाइट इंडिया ने अपनी पहली तिमाही की कमाई के आंकड़े जारी किए। नेट प्रॉफिट 28.4 प्रतिशत बढ़कर 172 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो पिछले साल ₹134 करोड़ था।
रेवेन्यू की बात करें तो 26.6 प्रतिशत बढ़कर ₹842 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹665 करोड़ था। EBITDA ₹43 करोड़ से उछलकर ₹144 करोड़ और · ऑपरेटिंग मार्जिन 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 17.1 प्रतिशत पर पहुंच गया।
शेयर प्राइस हिस्ट्री
बुधवार को साढ़े 11 बजे के करीब ग्रेफाइट इंडिया के शेयर 16.72 प्रतिशत चढ़कर ₹857.05 पर ट्रेड कर रहे थे। आज सुबह ग्रेफाइट का शेयर 812.90 रुपये पर खुला। पिछला बंद इसका 734.25 रुपये था। यह 870 के डे हाई को भी टच किया। इसका 52 हफ्ते का लो 505.80 और हाई 870 रुपये है। इस साल की शुरुआत से अब तक यह स्टॉक 32 प्रतिशत मजबूत हो चुका है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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