घरेलू रेट पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
ब्रेंट क्रूड 3 फीसदी टूटकर करीब 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे डॉलर इंडेक्स 99 के नीचे बना रहा। इसकी वजह यह उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल सकता है, क्योंकि ईरान ने कहा कि उसने ओमान के साथ इस अहम समुद्री रास्ते को लेकर बातचीत फिर शुरू की है।
हालांकि, मिडिल ईस्ट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों से इलाके में शांति नहीं आएगी। वहीं चीन ने भी अमेरिका को साफ संदेश दिया है कि ईरान के साथ उसके आर्थिक रिश्ते कमजोर नहीं होंगे।
अमेरिका ने कई चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए और एक बड़े वित्तीय संस्थान पर कार्रवाई की धमकी दी, तो चीन ने कहा कि उसके और ईरान के रिश्तों में दखल नहीं दिया जाना चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन अपने हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
निवेशकों की नजर आज किस पर
निवेशकों की नजर आज अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी PCE महंगाई आंकड़े पर है, जो भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे जारी होगा। साथ ही शुक्रवार को फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल में भाषण पर भी सबकी नजर रहेगी।
सोने पर एक्सपर्ट्स की क्या है राय
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, नरम तेल की कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से महंगाई की चिंता घटी है और सोने को सपोर्ट मिला है। ईरान और ओमान के बीच होर्मुज को लेकर बातचीत से सप्लाई रुकावट कम होने की उम्मीद बनी है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सस्ती होने से महंगाई का दबाव घट सकता है और फेड को ब्याज दरों पर ज्यादा छूट मिल सकती है। बाजार अब PCE आंकड़े और फेड चेयरमैन के भाषण का इंतजार कर रहा है। वहीं, राजकोषीय और करेंसी जोखिम से बचने के लिए सोने की मांग बनी हुई है, जो इसके तेजी के रुख को सपोर्ट कर रही है।
सोना-चांदी के अहम स्तर
इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी का कहना है कि MCX सोना अक्टूबर वायदा का रुख सकारात्मक बना रह सकता है, लेकिन तकनीकी करेक्शन से इनकार नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक सोने के लिए 1,62,600 रुपये सपोर्ट और 1,63,600 रुपये अहम रेजिस्टेंस है।
रवि सिंह के अनुसार, MCX सोना मजबूत तेजी के ढांचे में कारोबार कर रहा है। कीमतें ऊपर-नीचे होते हुए भी ऊंचे स्तर बना रही हैं और अहम ईएमए के ऊपर टिकी हैं। अगला बड़ा रेजिस्टेंस 1,67,000 रुपये के करीब है, जबकि 1,60,000 रुपये अहम सपोर्ट बन गया है। जब तक कीमतें इसके ऊपर रहेंगी, गिरावट पर खरीदारी की रणनीति सही रहेगी। अंतरराष्ट्रीय सोना भी तीन महीने के ऊपरी स्तर के करीब है, हालांकि हल्की गिरावट के बाद भी यह मजबूत दिख रहा है।
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