पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का 65 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया। फरवरी में घर के बाथरूम में फिसलने के बाद उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और वे ICU में भर्ती थे। डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की थी। शुरुआत में डॉक्टरों ने सर्जरी को सफल बताया था, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और लगातार निगरानी में रखा गया था। बाजवा 2016 से 2022 तक पाकिस्तान के सेना प्रमुख रहे और रिटायरमेंट के बाद भी देश की राजनीति और सुरक्षा मामलों में प्रभावशाली माने जाते थे। इमरान खान के साथ विवादों की वजह से चर्चा में थे कमर जावेद बाजवा पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ विवाद को लेकर काफी चर्चा में रहे थे। शुरुआत में दोनों के रिश्ते अच्छे थे, लेकिन बाद में हालात पूरी तरह बदल गए। जब 2018 में इमरान खान प्रधानमंत्री बने, तब कहा जाता था कि सरकार और सेना ‘एक पेज’ पर हैं। माना जाता है कि उस समय बाजवा के नेतृत्व में सेना का इमरान सरकार को समर्थन था और दोनों के बीच तालमेल ठीक था। लेकिन 2021 में ISI प्रमुख की नियुक्ति को लेकर दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। सेना चाहती थी कि नदीम अंजुम को तुरंत ISI चीफ बनाया जाए, जबकि इमरान खान इस फैसले को टाल रहे थे। यहीं से दोनों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई। इसके बाद 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इमरान खान ने आरोप लगाया कि सेना ने उनका साथ छोड़ दिया और विपक्ष को समर्थन दिया। हालांकि सेना ने इन आरोपों से इनकार किया। सरकार जाने के बाद इमरान खान ने खुलकर बाजवा और सेना की आलोचना शुरू कर दी। उनके ‘न्यूट्रल तो जानवर होता है’ वाले बयान ने इस विवाद को और बढ़ा दिया। 6 साल में अरबपति हो गया था बाजवा का परिवार कमर जावेद बाजवा के रिटायरमेंट के बाद उनकी फैमिली की संपत्ति को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ था। 2022 में पाकिस्तानी पत्रकार अहमद नूरानी की रिपोर्ट में कहा गया था उनके परिवार की संपत्ति महज 6 साल में तेजी से बढ़कर अरबों में पहुंच गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजवा के रिश्तेदारों और करीबियों ने कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में फार्म हाउस बनाए, बड़े बिजनेस शुरू किए और विदेशों में भी प्रॉपर्टी खरीदी। रिपोर्ट में कहा गया कि इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत करीब 1200 करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा हो सकती है। यह प्रॉपर्टी मुख्य रूप से उनकी पत्नी आयशा अमजद, बहू महनूर साबिर और परिवार के अन्य करीबी लोगों के नाम पर बताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 तक आयशा अमजद के नाम कोई प्रॉपर्टी नहीं थी, लेकिन 2016 में अचानक कई प्रॉपर्टी खरीदी गईं और उनकी संपत्ति तेजी से बढ़ गई। इसी तरह उनकी बहू महनूर साबिर की संपत्ति भी शादी के कुछ ही समय बाद जीरो से बढ़कर करीब एक अरब रुपए तक पहुंच गई। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
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