अमेरिकी कोर्ट में हत्या और अमेरिकी नागरिकों की जान लेने की साजिश रचने का गंभीर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो फिर चर्चा में हैं। जुलाई 1953 से जनवरी 1959 तक चले क्यूबा में क्रांतिकारी आंदोलन में तीसरा सबसे बड़ा चेहरा रहे राउल बड़े भाई फिदेल कास्त्रो की योजनाओं के मुख्य शिल्पकार माने जाते हैं। 1959 में जैसे ही कास्त्रो भाइयों ने क्यूबा की सत्ता संभाली, उन्होंने बतिस्ता सरकार के पूर्व अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जासूसों पर मुकदमे चलाए। ‘ला काबाना’ किले के प्रभारी के रूप में राउल ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, 500-600 लोगों को मौत के घाट उतारने के आदेश दिए। वे फायरिंग स्क्वॉड द्वारा लोगों को गोली मारते देखते थे। 2008 से 2018 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे राउल की पहचान क्रूर नेता की है। रक्षा मंत्री के रूप में विरोधियों का सफाया किया 1960 के दशक में जब क्यूबा में क्रांति के बाद विरोधियों पर कार्रवाई शुरू हुई, तब फायरिंग स्क्वॉड और सैन्य ट्रायल की पूरी व्यवस्था रक्षा मंत्री के रूप में राउल ने ही की थी। जून 1958 में बतिस्ता की सेना को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के जवानों समेत 50 नागरिकों को बंधक बना लिया था। 1960-70 के दशक में हजारों लोगों को बिना निष्पक्ष सुनवाई जेलों और श्रम शिविरों में भेजा गया। पूर्व सीआईए विश्लेषक ब्रायन कहते हैं कि फिदेल सार्वजनिक मंच से भाषण देते थे, लेकिन आदेशों को लागू कराने वाला दिमाग राउल का था। बचपन में राउल को स्कूल में शिक्षक ने किसी बात पर थप्पड़ मार दिया, तो उसे धक्का देकर गिरा दिया और बच्चों को उस शिक्षक के खिलाफ इकट्ठा कर लिया। इसके लिए उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। स्कूल से पिता को नोटिस भेजा गया कि ये लड़का नहीं सुधरेगा। 6 की उम्र में तानाशाह को अपनी शर्त पर झुकाया था 1938 में क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता ने एक सैनिक स्कूल का दौरा किया। तब 6 वर्षीय राउल को स्वागत भाषण देना था। राउल ने भाषण पढ़ने के बजाय निडरता से शर्त रखी कि पहले उसके शिक्षक को पदोन्नत कर ‘लेफ्टिनेंट’ बनाया जाए। इसके 20 साल बाद (1959 में) राउल ने अपने भाई फिदेल के साथ मिलकर उसी बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। दुनिया के किसी भी देश के सबसे लंबे समय (लगभग 49 साल) तक रक्षा मंत्री रहे राउल ने होटल, पर्यटन, बंदरगाह और विदेशी मुद्रा से जुड़ा 60% से अधिक कारोबार सैन्य कंपनियों को सौंप दिया था।
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