दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा का अभेद घेरा तैयार किया गया है। एयरपोर्ट से लेकर होटल और भारत मंडपम तक दोनों राष्ट्रीय अध्यक्ष के पूरे रूट पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहेंगी। पुतिन आज भारत पहुंच चुके हैं जबकि जिनपिंग कल पहुंचने वाले हैं। दोनों नेताओं के काफिले को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं क्योंकि इनके मोटर किड सबसे बड़े काफिलों में शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के ठहराव वाले होटल आईटीसी मौर्या में चार लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सबसे अंदर क्लोज प्रोटेक्शन टीम यानी सीपीटी तैनात रहेगी जो पुतिन की नजदीकी सुरक्षा संभालेगी। इसके बाद इनर सिक्योरिटी सर्कल में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी होंगे। तीसरे यानी मिडिल सर्कल में दिल्ली पुलिस के कमांडो और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहेंगे। जबकि सबसे बाहरी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के पास होगी।
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वहीं होटल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात की गई है। पुतिन के साथ उनकी अपनी सुरक्षा टीम भी मौजूद है। करीब करीब 25 से 30 कमांडो और सुरक्षा अधिकारियों के उनके साथ रहने की संभावना है। पुतिन के हर मूवमेंट के दौरान यह टीम नजदीकी सुरक्षा घेरा बनाए रखेगी। वहीं जिमपिंग की सुरक्षा को लेकर भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल समेत सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। जिंबिंग जिस मंजिल पर ठहरेंगे वहां से लेकर होटल की छत और ग्राउंड फ्लोर तक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित होटल के कर्मचारियों का भी सत्यापन कराया है। दिल्ली में मौजूद रिकॉर्ड के साथ कर्मचारियों के गृह राज्यों में भी वेरिफिकेशन किया गया। विदेशी मेहमानों के भारत मंडपम पहुंचने और वापस लौटने के रूट भी फाइनल कर लिए गए। इन रूट पर कई बार सुरक्षा और ट्रैफिक रिहर्सल की जा चुकी है। वहीं दिल्ली को अलग-अलग सेक्टर में बांटा गया है और हर सेक्टर की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है।
‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ और अपना किचन भी साथ लेकर आए
पुतिन के साथ भारत ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ आईएल-96-300पीयू विमान चलता-फिरता राष्ट्रपति कमान केंद्र है। उनके लिए ऑरस सीनेट बख्तरबंद लिमोजिन भी लाई गई है। अंदरूनी सुरक्षा एफएसओ संभालेगी, जबकि भारतीय एजेंसियां बाहरी घेरा रखेंगी। भोजन की अलग जांच होगी। रूस अपने रसोइयों का इस्तेमाल करेगा। पुतिन दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे।
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शी जिनपिंग की टीम ने अग्रिम निरीक्षण किया, होटल से किचन तक सुरक्षा घेरा
जिनपिंग की यात्रा के लिए एयर चाइना के बोइंग-747 को करीब एक महीने की तैयारी के बाद राष्ट्रपति विमान बनाया जाता है। इसके आगे बैठक कक्ष, कार्यालय और बेडरूम होते हैं। उनके साथ करीब 400 सदस्यीय दल आ सकता है, जिसमें अधिकारी, प्रोटोकॉल, सुरक्षा और तकनीकी कर्मचारी होंगे। सुरक्षा में खास बात अग्रिम निरीक्षण है। पिछली चेन्नई यात्रा में उनके भोजन के लिए चीनी रसोइयों और कंट्रोल्ड रसोई व्यवस्था थी। उनके मामले में होटल का कमरा ही नहीं, रसोई से लेकर गाड़ी और संचार तक सुरक्षा योजना का हिस्सा होते हैं। उनके लिए ताज पैलेस होटल हफ्तेभर पहले से बुक है।
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