साइबर सेल ने पूछताछ के लिए भेजा समन
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित करने के मामले में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विभाग के अनुसार, यूट्यूब, इंस्टाग्राम समेत विभिन्न मंचों पर प्रसारित वीडियो में महिलाओं, सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
महाराष्ट्र साइबर ने संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर सभी संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। विभाग ने कहा है कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
NCW ने क्या कहा?
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक बयान में कहा कि उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम में हुए एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान हुई घटना की मीडिया कवरेज और वायरल वीडियो फुटेज का स्वतः संज्ञान लिया है। इस शो में कथित तौर पर यौन जबरदस्ती और महिला की सहमति के बिना किए गए व्यवहार को सही ठहराने वाली बातें सार्वजनिक रूप से कही गईं और उन पर तालियां भी बजाई गईं।
आयोग ने वायरल वीडियो के कंटेंट और जिस तरह से इस कथित व्यवहार को हल्के में लेते हुए दर्शकों के सामने मनोरंजन के तौर पर पेश किया गया, उस पर गंभीर चिंता जताई है। NCW का मानना है कि ऐसे व्यवहार को सामान्य या सही ठहराना- जो महिला की सहमति, सम्मान और अपने शरीर पर अधिकार को कमतर करता है, महिलाओं की सुरक्षा और लिंग-आधारित हिंसा के प्रति सामाजिक सोच पर दूरगामी असर डालता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, NCW की माननीय अध्यक्ष विजया राहटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर तत्काल, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ (ATR) मांगी है।
आयोग ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य लागू कानूनों की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की स्थिति, शामिल लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई, वायरल वीडियो सबूत की जांच और प्रमाणिकता और घटना में आयोजकों, कलाकारों और वेन्यू मैनेजमेंट की भूमिका के बारे में जानकारी मांगी है।
इसके अलावा, आयोग ने राज्य पुलिस से उन उपायों के बारे में जानकारी मांगी है जिनसे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सार्वजनिक मनोरंजन प्लेटफॉर्म और डिजिटल स्पेस यौन उत्पीड़न, जबरदस्ती या महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन करने वाले व्यवहार को बढ़ावा देने, प्रोत्साहित करने या सामान्य बनाने का जरिया न बनें।
इसके अलावा मामले की गंभीरता को देखते हुए NCW ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी किया है। मामले में 22 जून 2026 को शाम 4 बजे आयोग पेश होने को कहा गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोहराया है कि सहमति पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर काफी विवाद मचा हुआ है। शो में हिमांशु जांगड़ा नाम के एक युवक ने अपने डेटिंग एक्सपीरियंस का किस्सा शेयर किया था। उसने बताया कि उसने एक लड़की को डेट पर 370 रुपये की चिकन बिरयानी खिलाई थी और इसके बदले में वह लड़की से ‘सेक्शुअल फेवर’ यानी शारीरिक संबंध की उम्मीद कर रहा था। इस क्लिप के वायरल होते ही बवाल मच गया। लोगों ने इस घटिया सोच की जमकर आलोचना की।
इसके अलावा एक महिला डॉक्टर ने अपनी पढ़ाई एनाटॉमी क्लास के अनुभव भी साझा किए। उसने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई के दौरान 10 छात्रों के ग्रुप को पूरे साल के लिए एक डेड बॉडी दी जाती है, जिस पर वे डिसेक्शन यानी अंगों को खोलकर समझना करते हैं।
जब प्रणित ने मजाक में पूछा, “तुम लोग इस दौरान सीरियस रहते हो या जोक भी मारते हो? तुम डॉक्टर हो या कसाई?” तो महिला ने हंसते हुए जवाब दिया कि वे लोग डेड बॉडी और खासकर उसके प्राइवेट पार्ट्स पर जोक मारते हैं। यह सुनकर कॉमेडियन प्रणित भी जोर से हंसने लगे। इन वीडियो पर खूब विवाद हो रहा है।
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