मैच का रोमांच: आखिरी मिनटों में पलटी बाजी
निर्धारित समय (Regular Time) में दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। मैच का पहला गोल 72वें मिनट में आया, जब डच स्टार कोडी गैकपो ने शानदार गोल करके नीदरलैंड्स को 1-1 से शुरुआती बढ़त दिला दी। ऐसा लग रहा था कि डच टीम यह मैच जीत जाएगी, लेकिन मैच के आखिरी क्षणों (91वें मिनट) में मोरक्को के इस्सा डियोप ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में खिंच गया। एक्स्ट्रा टाइम में मोरक्को के पास मैच खत्म करने का सुनहरा मौका था, जब सूफियान रहीमी गोल से महज पांच गज की दूरी पर डच डिफेंडरों को छकाकर सीधे गोलकीपर बार्ट वर्ब्रूगन के सामने आ गए। हालांकि, वर्ब्रूगन ने अपने घुटने से शानदार बचाव करते हुए नीदरलैंड्स को मैच में बनाए रखा।
पेनल्टी शूटआउट का ड्रामा: मोरक्को फिर बना ‘जायंट किलर’
एक्स्ट्रा टाइम में कोई और गोल न होने के कारण मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। शूटआउट में मोरक्को के खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और तीन गोल दागे, जबकि डच टीम केवल दो ही गोल कर सकी। फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में मोरक्को की यह दूसरी पेनल्टी शूटआउट जीत है। इससे पहले उन्होंने कतर वर्ल्ड कप 2022 में स्पेन को भी शूटआउट में हराकर सनसनी मचाई थी।
नीदरलैंड्स की चौथी शूटआउट हार: स्पेन के खराब रिकॉर्ड की बराबरी
इस हार के साथ नीदरलैंड्स फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में चौथी बार पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर होने वाली टीम बन गई है। इस मामले में डच टीम ने स्पेन के सबसे खराब रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। स्पेन भी अब तक चार बार शूटआउट में हार चुका है।
वर्ल्ड कप में कब-कब पेनल्टी शूटआउट हारा नीदरलैंड्स:
1998 (सेमीफाइनल): ब्राजील से 4-2 से हारे।
2014 (सेमीफाइनल): अर्जेंटीना से 4-2 से हारे
2022 (क्वार्टर फाइनल): अर्जेंटीना से 4-3 से हारे।
2026 (राउंड ऑफ 32): मोरक्को से 3-2 से हारे।
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