क्यूरासाओ के प्रशंसक जोश से भर गए थे और जर्मनी की टीम हैरान थी। लिवानो कोमेनेन्सिया ने चार बार की चैंपियन जर्मनी के खिलाफ उस देश के लिए गोल किया था जो विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली सबसे कम आबादी वाली टीम है।
ह्यूस्टन में स्कोर 1-1 होने पर एक बड़ा उलटफेर होता दिख रहा था लेकिन तभी पानी का ब्रेक (हाइड्रेशन ब्रेक) हुआ।
क्यूरासाओ ने अपनी बढ़त खो दी और मध्यांतर से पहले दो गोल खा लिए और आखिरकार उन्हें जर्मनी ने 7-1 से हरा दिया।
इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर एलन शियरर ने ‘द रेस्ट इज फ़ुटबॉल’ पॉडकास्ट पर कहा, ‘‘मुझे सच में उनके लिए बुरा लगा।
उन्होंने गोल किया और उसके शायद 30 सेकेंड बाद ही खेल रुक गया। इससे उनकी लय टूट गई। ’’
फीफा ने हर हाफ के बीच में पानी के ब्रेक शुरू किए हैं जिससे कि खिलाड़ी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की गर्मी से निपट सकें। लेकिन आलोचकों का कहना है कि इसके अनचाहे नतीजे सामने आ रहे हैं और इससे खेल का प्रवाह बिगड़ रहा है और कोच को अपनी टीम के फायदे के लिए रणनीति बदलकर लय बदलने का मौका मिल रहा है।
हालांकि सबसे गर्म विश्व कप स्थल पर तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने की उम्मीद है जिससे खिलाड़ियों की सेहत वास्तविक चिंता का विषय है लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि ये ब्रेक प्रसारणकर्ताओं के लिए खेल के बीच में विज्ञापन दिखाने का बस एक बहाना है।
आयरलैंड के पूर्व अंतररष्ट्रीय खिलाड़ी रॉय कीन ने ‘द ओवरलैप’ पॉडकास्ट पर कहा, ‘‘हम अमेरिका में हैं, है ना? तो यह एक तरह से टाइम आउट जैसा है।’’
रॉय कीन मैनचेस्टर यूनाइटेड के अपने पुराने साथी गैरी नेविल के साथ मिलकर इस पॉडकास्ट की मेजबानी करते हैं।
कीन ने कहा, ‘‘ हमें फुटबॉल इसलिए पसंद है क्योंकि खेल की रफ्तार तेज होती है लेकिन यह (पानी का ब्रेक) खेल के प्रवाह और लय को रोक रहा है।’’
शुरुआती 16 मैच में से आठ में पानी के ब्रेक के के 10 मिनट के अंदर ही गोल हुए।
जर्मनी के खिलाफ मैच दोबारा शुरू होने के बाद क्यूरासाओ कभी संभल नहीं पाया।
न्यू जर्सी में ब्राजील के खिलाफ मोरक्को को नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने शुरू से ही मैच पर दबदबा बनाया और पहले ब्रेक से ठीक पहले गोल भी किया था। खेल दोबारा शुरू होने के 10 मिनट से भी कम समय में विनिसियस जूनियर ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया।
कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, स्वीडन और ईरान को भी ब्रेक के तुरंत बाद गोल करने का फायदा मिला।
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