अतुल की बचपन से ही आईआईटी में पढ़ने का ख्वाब था। बचपन से ही मैथ्स और साइंस में उनकी दिलचस्पी थी। साथ ही वे प्रोग्रामिंग में भी इंटरेस्ट रखते हैं। पढ़ाई के साथ उन्होंने कोडिंग क्लासेज भी कीं।
पिता ऑपरेशन रक्षक के दौरान हुए शहीद
अतुल डागर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता स्वर्गीय सुधीर कुमार डागर भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में सैनिक पद पर कार्यरत थे। 15 सितंबर 2012 को जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान देश की रक्षा करते हुए वे शहीद हो गए। इसके बाद से सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। उनकी मां ने दो बड़ी बहनों और अतुल की साथ में परवरिश की। साथ ही पढ़ाई के लिए हमेशा अपने बच्चों को मोटिवेट करती रहीं।
बेहद क्रिएटिव और पढ़ाई में तेज थे अतुल डागर
अतुल की बचपन से ही आईआईटी में पढ़ने का ख्वाब था। बचपन से ही मैथ्स और साइंस में उनकी दिलचस्पी थी। साथ ही वे प्रोग्रामिंग में भी इंटरेस्ट रखते हैं। पढ़ाई के साथ उन्होंने कोडिंग क्लासेज भी कीं। इसी दौरान उन्होंने कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए अपना ऑनलाइन स्टार्टअप भी शुरू किया था। इसके माध्यम से वे बच्चों को आर्मी स्कूल एंट्रेंस एग्जाम क्रैक करने के लिए ट्रेनिंग देते हैं।
काम आई कोचिंग की ये स्कीम
लेकिन उनके सामने पैसों की सबसे बड़ी चुनौती थी। ऐसे में कोटा जाना उनके लिए मुश्किल लग रहा था। लेकिन एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की शौर्य स्कीम से उन्हें काफी मदद मिली। बता दें कि शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत अतुल को फीस में 90 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली। इससे पढ़ाई के लिए पैसों के खर्च से उन्हें बड़ी राहत मिली और वे पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सके।
जेईई एडवांस्ड में 3463 रैंक
अतुल ने एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट, कोटा के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट के रूप में JEE की तैयारी की। कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 3463 हासिल की और अब IIT मुंबई में कंप्यूटर साइंस के छात्र हैं। हाल में अतुल फर्स्ट सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहे हैं।
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