वायरल मैसेज में क्या दावा?
दरअसल, वायरल मैसेज में दावा किया गया था कि EPFO की e-Office एप्लिकेशन निर्धारित सिस्टम अपग्रेड के चलते कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी। साथ ही यह भी कहा गया था कि इस दौरान UMANG प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध EPFO की कई सेवाओं में रुकावट आ सकती है। इस संदेश को बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर शेयर करना शुरू कर दिया, जिससे EPFO सदस्यों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
EPFO ने जारी की दूसरी पोस्ट
इस पर EPFO ने दूसरी पोस्ट जारी कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की। संगठन ने कहा कि वायरल संदेश में दी गई जानकारी गलत और भ्रामक है। EPFO ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने EPF सदस्यों या नियोक्ताओं के लिए किसी भी सेवा के बंद होने या उपलब्ध न रहने संबंधी कोई आधिकारिक एडवाइजरी जारी नहीं की है। यानी फिलहाल EPFO की ओर से ऐसा कोई नोटिस नहीं है, जिसमें सेवाएं बंद होने की बात कही गई हो।
सदस्यों और नियोक्ताओं से अपील
EPFO ने सभी सदस्यों और नियोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। यदि किसी सेवा में बदलाव, रखरखाव (Maintenance) या तकनीकी अपग्रेड के कारण कोई असर पड़ता है, तो उसकी जानकारी EPFO अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से ही साझा करेगा। किसी भी अनजान या वायरल मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
गौरतलब है कि EPFO पिछले कुछ समय से अपनी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार तकनीकी अपग्रेड कर रहा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। हालांकि, इस तकनीकी सुधार का मतलब यह नहीं है कि बिना आधिकारिक घोषणा के सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। EPFO ने साफ शब्दों में कहा है कि वर्तमान में ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है।
एक्सपर्ट का मानना है कि सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े फर्जी संदेश अक्सर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल जाते हैं। ऐसे में नागरिकों को हमेशा आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी पोर्टल या सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल से ही जानकारी लेनी चाहिए। इससे न केवल भ्रम से बचा जा सकता है, बल्कि गलत सूचना के आधार पर किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी।
अगर आप EPFO सदस्य हैं या किसी संस्थान में कार्यरत हैं, तो याद रखें कि EPFO की सेवाओं से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी केवल आधिकारिक चैनलों पर ही उपलब्ध होगी। इसलिए किसी भी वायरल संदेश को बिना पुष्टि के आगे साझा करने से बचें और सही जानकारी के लिए हमेशा EPFO के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें।
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