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साइबर ठग हर रोज ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में यूपी के बुलंदशहर से बिजली बिल के नाम पर साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है।
इस स्कैम में ठग खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर कॉल/मैसेज करते हैं। बिजली कनेक्शन काटने का डर दिखाकर पैसे ऐंठ लेते हैं। हालांकि थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम इस स्कैम से बच सकते हैं।
इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज हम इलेक्ट्रिसिटी बिल के नाम पर होने वाले स्कैम की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- स्कैमर्स इलेक्ट्रिसिटी बिल के नाम पर लोगों को कैसे चूना लगाते हैं?
- इस तरह के स्कैम से कैसे बचें?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- ‘इलेक्ट्रिसिटी बिल स्कैम’ क्या है?
जवाब- यह एक तरह की साइबर ठगी है। इसमें स्कैमर खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर फोन, SMS या वाट्सएप से संपर्क करते हैं। वे डराने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जैसे-
- “आपका बिल अपडेट नहीं हुआ।”
- “तुरंत जमा करें, वरना कनेक्शन काट दिया जाएगा।”
इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर या एप डाउनलोड करवाकर खाते से पैसे उड़ा देते हैं।
सवाल- स्कैमर्स इलेक्ट्रिसिटी बिल के नाम पर लोगों को कैसे चूना लगाते हैं?
जवाब- स्कैमर्स लोगों के डर का फायदा उठाते हैं। वे क्विक एक्शन का माहौल बनाते हैं। इन दोनों कंडीशंस के दबाव में उपभोक्ता स्कैम का शिकार हो जाते हैं। ऐसे ज्यादातर मामलों में स्कैमर्स फर्जी लिंक या एप के जरिए बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर पैसे ठगते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए-

सवाल- लोग इस स्कैम में क्यों फंस जाते हैं?
जवाब- ऐसी कॉल के बाद कई उपभोक्ता घबरा जाते हैं और जल्दबाजी में गलतियां कर बैठते हैं। इससे वे ठगी का शिकार हो जाते हैं। उपभोक्ता की गलतियां-
- फर्जी मैसेज/कॉल को ऑफिशियल मान लेना।
- बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक करना।
- बिना सोचे एप डाउनलोड करना।
- घबराहट में गलत निर्णय लेना।
- OTP/पिन शेयर कर देना।
- ऑफिशियल और फर्जी एप/लिंक में फर्क न समझ पाना।
सवाल- अगर गलती से फर्जी इलेक्ट्रिसिटी एप डाउनलोड कर लिया तो इससे क्या नुकसान हो सकता है?
जवाब- इससे कई नुकसान हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- फर्जी मैसेज और कॉल को कैसे पहचानें?
जवाब- स्कैमर्स फेक मैसेज और कॉल करके आमतौर पर डर, दबाव और जल्दबाजी का माहौल पैदा करते हैं। कुछ कॉमन संकेतों से फर्जी मैसेज और कॉल को पहचाना जा सकता है। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इस तरह के स्कैम से कैसे सावधान रहें? क्या बातें ध्यान रखें?
जवाब- इसके लिए सबसे जरूरी है कि सतर्क रहें और बिना जांचे किसी भी कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी अनऑफिशियल लिंक पर क्लिक न करें। इस स्कैम से बचने के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखें-

सवाल- अगर गलती से लिंक पर क्लिक कर दिया तो क्या करें?
जवाब- सबसे जरूरी ये है कि ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं-
- इंटरनेट (डेटा/WiFi) तुरंत बंद करें।
- फोन को एयरप्लेन मोड पर डालें।
- फोन से संदिग्ध एप हटाएं।
- बैंक/UPI एप्स का पासवर्ड बदलें।
- बैंक कस्टमर केयर को तुरंत सूचित करें।
- सभी जरूरी अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें।
- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
- इससे नुकसान को रोका जा सकता है।

‘इलेक्ट्रिसिटी बिल स्कैम’ से जुड़े जरूरी सवाल-जवाब
सवाल- क्या बिजली विभाग कभी पर्सनल नंबर से मैसेज करता है?
जवाब- नहीं, बिजली विभाग पर्सनल मोबाइल नंबर से मैसेज नहीं भेजता है। आधिकारिक सूचना हमेशा रजिस्टर्ड SMS ID, वेबसाइट या ऑथराइज्ड मेल, लेटर, कॉल के जरिए दी जाती है।
सवाल- क्या बिजली विभाग पर्सनल वाट्सएप नंबर से मैसेज भेजता है?
जवाब- नहीं, बिजली विभाग वाट्सएप पर पर्सनल नंबर से संपर्क नहीं करता है। अगर ऐसा मैसेज आए तो सतर्क रहें, यह स्कैम हो सकता है।
सवाल- बिजली बिल चेक करने का सही तरीका क्या है?
जवाब- बिजली बिल चेक करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट, एप पर जाएं। ऑफिशियल कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर सकते हैं। नजदीकी जन सेवा केंद्र पर भी बिल की जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए बिजली कनेक्शन नंबर देना होता है।
सवाल- अगर स्कैम का शक हो तो कहां और कैसे शिकायत करें?
जवाब- तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर cybercrime.gov.in शिकायत दर्ज करें। साथ ही संबंधित बिजली विभाग को भी सूचना दें। जरूरत पड़ने पर नजदीकी थाने को भी सूचना दें।
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बीते कुछ सालों में देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के केस लगातार बढ़ रहे हैं। ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) के मुताबिक, साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट और इससे जुड़े साइबर अपराधों के 1.23 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इनमें करीब 1,935.51 करोड़ रुपए की ठगी हुई। आगे पढ़िए…
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