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बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23-24 अगस्त 2026 को रूस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। वे व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इसमें आगे कहा गया है कि उनके और लावरोव के बीच बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित होगी। रिलीज़ में कहा गया है, “दौरे के दौरान, विदेश मंत्री रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।”
भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही और भरोसेमंद साझेदारी है। विदेश मंत्रालय की एक पिछली रिलीज़ में बताया गया था कि अक्टूबर 2000 में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर के बाद से, भारत-रूस संबंधों ने एक नया और बेहतर रूप ले लिया है। इसमें राजनीति, सुरक्षा, रक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित लगभग सभी क्षेत्रों में सहयोग का स्तर बढ़ा है।
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रणनीतिक साझेदारी के तहत, सहयोग गतिविधियों पर नियमित बातचीत और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक और आधिकारिक दोनों स्तरों पर कई संस्थागत बातचीत के तंत्र काम करते हैं। रिलीज़ के अनुसार, भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC) के दो हिस्से हैं – व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग (IRIGC-TEC), जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव करते हैं; और सैन्य व सैन्य-तकनीकी सहयोग (IRIGC-M&MTC), जिसका नेतृत्व दोनों देशों के रक्षा मंत्री करते हैं।
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