24,000 प्रति वर्ग फीट तक पहुंची कीमत
रिपोर्ट के मुताबिक, सप्लाई की बात करें तो स्क्वॉयर यार्ड्स के अनुसार 2025 में द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) पर करीब 115 एक्टिव रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स थे और लगभग 14,000 नए यूनिट लॉन्च हुए। वहीं, नए प्रोजेक्ट में प्रीमियम 3-BHK और 4-BHK घरों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इस माइक्रो-मार्केट में औसत रेजिडेंशियल कीमत करीब ₹21,700 से 24,000 प्रति वर्ग फीट तक पहुंच चुकी है। बड़े जमीन के टुकड़ों की उपलब्धता डेवलपर्स को कम-डेंसिटी वाली सोसाइटी, ज्यादा खुली जगह और बड़े साइज के अपार्टमेंट बनाने का मौका देती है।
हालांकि, बढ़ती कीमतों के साथ एक सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या इतनी महंगी प्रॉपर्टी की मांग आगे भी बनी रहेगी? ANAROCK के मुताबिक यहां इन्वेंट्री ओवरहैंग करीब 18 महीने है। इसका मतलब मौजूदा बिक्री की रफ्तार के हिसाब से बिना बिकी प्रॉपर्टी का लेवल फिलहाल बहुत चिंताजनक नहीं है। लेकिन, अगर नए प्रोजेक्ट तेजी से लॉन्च होते रहे और ऊंची कीमतों के कारण बिक्री की रफ्तार धीमी हुई, तो बिना बिकी प्रॉपर्टी का दबाव बढ़ सकता है।
द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) की तुलना अक्सर गोल्फ कोर्स रोड (Golf Course Road) और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (Golf Course Extension Road) जैसे गुरुग्राम के स्थापित लग्जरी बाजारों से की जा रही है। हालांकि, दोनों बाजार पूरी तरह समान नहीं हैं। गोल्फ कोर्स रोड के आसपास कई दशकों में विकसित कमर्शियल, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जबकि द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) का ज्यादातर रेजिडेंशियल इकोसिस्टम अभी नया है। फिर भी बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ती आय, बड़े लग्जरी प्रोजेक्ट और ग्लोबल सिटी जैसे आगामी विकास इस कॉरिडोर को अमीर खरीदारों के लिए तेजी से आकर्षक बना रहे हैं।
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