मारिजाने काप ने जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए 45 गेंद में 81 रन की नाबाद पारी खेली जिससे दक्षिण अफ्रीका ने रविवार को यहां आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के ग्रुप एक के मैच में भारतीय टीम को पांच गेंद रहते छह विकेट से हरा दिया।
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ काप ने इससे पहले गेंदबाजी करते हुए दो विकेट झटके। उन्होंने अपनी पारी के दौरान सात चौके और चार छक्के जमाए।
स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक राधा यादव ने दो बार काप का कैच छोड़ा। इससे दक्षिण अफ्रीका ने जीत के लिए 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.1 ओवर में चार विकेट पर 161 रन बनाकर दूसरी जीत दर्ज की जिससे टीम तालिका में चार अंक लेकर भारत (चार अंक) के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।
बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने चार ओवर में एक मेडन से 24 रन देकर तीन विकेट झटके। श्री चरणी ने छठे ओवर में 25 रन पर दक्षिण अफ्रीका को दोहरे झटके दिए। उन्होंने खतरनाक लौरा वोलवार्ट (20 रन) को आउट करने के दो गेंद बाद एनेरी डर्कसेन (शून्य) को आउट कर दिया।
लेकिन काप ने तजमिन ब्रिट्स (40 रन) के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 63 गेंद में 97 रन की साझेदारी निभाकर जीत की नींव रखी।
भारत ने 13वें ओवर में इस साझेदारी को खत्म करने का मौका गंवा दिया जब राधा यादव ने काप का कैच छोड़ दिया।
हालांकि शेफाली वर्मा ने 17वें ओवर में ब्रिट्स को आउट कर इस भागीदारी का अंत किया।
इसी ओवर में राधा यादव ने फिर काप को जीवनदान दे दिया और दक्षिण अफ्रीका की इस अनुभवी खिलाड़ी ने टीम को जीत तक पहुंचाया।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दीप्ति शर्मा के 29 रन और कप्तान हरमनप्रीत कौर के 24 रन की मदद से मुश्किल और असमान उछाल वाली पिच पर 20 ओवर में सात विकेट पर 158 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 15 गेंद में 31 रन की पारी खेली।
भारत ने उप कप्तान स्मृति मंधाना के रूप में पहला विकेट गंवाया, तब स्कोर 30 रन था। लेकिन इसके बाद खराब शॉट चयन की वजह से यह चार विकेट पर 83 रन हो गया।
फिर दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने पांचवें विकेट के लिए 33 रन जोड़कर पारी को संभाला। दीप्ति ने 21 गेंद में 29 रन बनाए जिसमें तीन चौके शामिल थे। लेकिन स्वीप शॉट खेलने की कोशिश में वह आउट हो गईं।
वहीं हरमनप्रीत ने 22 गेंद में 24 रन बनाए जो पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट में 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली क्रिकेटर बनीं।
भारत के विकेटों के गिरने का सिलसिला मंधाना (12 गेंद में 17 रन, तीन चौके) के मारिजाने काप (27 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर आउट होने से शुरू हुआ। वह शॉट खेलने के लिए विकेट के आगे बढ़ी, लेकिन गेंद से संपर्क नहीं कर पाईं और गेंद सीधे उनके स्टंप्स से जा टकराई।
मंधाना ने शबनीम इस्माइल (28 रन देकर दो विकेट) की गेंदों पर लगातार दो चौके लगाए थे।
शेफाली (चार चौके, एक छक्का) ने क्लो ट्रायोन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया जिससे भारत ने चौथे ओवर में 17 रन बनाए।
लेकिन इस्माइल की शानदार गेंदबाजी के कारण शेफाली को पवेलियन लौटना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी गेंदबाज ने अंदर आती हुई एक तेज खतरनाक गेंद फेंकी जिससे भारतीय खिलाड़ी को झुककर बचाव करना पड़ा।
दक्षिण अफ्रीका की खिलाड़ी विकेट के पीछे कैच के लिए रिव्यू लेने में हिचकिचा रही थीं लेकिन यह सही फैसला साबित हुआ क्योंकि ‘अल्ट्रा-एज’ से पुष्टि हुई कि गेंद ग्लव्स को छूकर गई थी।
इसके बाद अयाबोंगा खाका ने यस्तिका भाटिया (15) को पगबाधा आउट किया।
वहीं नादिने डि क्लर्क ने जेमिमा रोड्रिग्स (12) का शानदार रिटर्न कैच लपककर उन्हें आउट किया और 11वें ओवर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 83 रन कर दिया।
हरमनप्रीत के पास लड़खड़ाती पारी को संभालने का मौका था लेकिन वह सिर्फ 24 रन ही बना सकीं और इस्माइल की गेंद पर शॉट खेलते हुए गेंद को अपने ही विकेट पर मार बैठीं।
ऋचा घोष भी उन खिलाड़ियों में शामिल रहीं जो अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकीं। उन्होंने 14 गेंद में 15 रन बनाए।
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