शादी के बाद की पहली रात यानी सुहागरत, हर कपल के लिए बड़ा ही स्पेशल दिन होता है। लेकिन इससे जुड़ी एक झिझक भी होती है और मन में ढेर सारे सवाल भी। इनका जवाब देने वाला भी कोई नहीं होता। ऐसी ही 7 बातें डॉक्टर ने शेयर की हैं, जो हर कपल के लिए जानना जरूरी हैं।
पहली रात के लिए कोई तय नियम नहीं
डॉ. तनुश्री का कहना है कि शादी की पहली रात को ले कर सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर कपल का अनुभव अलग होता है। ऐसा कोई रूल नहीं है कि पहली रात किस तरह बितानी चाहिए या उस रात फिजिकल रिलेशन बनाना जरूरी ही है। अगर दोनों में से कोई भी इसके लिए तैयार महसूस नहीं कर रहा है, तो थोड़ा समय लेना बिल्कुल ठीक है। शादी के बाद पहली रात को लेकर किसी तरह का दबाव लेने की जरूरत नहीं है। आप दोनों आराम से बात कर सकते हैं, एक-दूसरे के साथ समय बिता सकते हैं और धीरे-धीरे इस नए रिश्ते में कंफर्टेबल हो सकते हैं।
पहली बार ब्लीडिंग होना वर्जिनिटी का प्रूफ नहीं
पहली रात से जुड़ी एक आम धारणा है कि पहली बार सेक्स के दौरान लड़की को ब्लीडिंग जरूर होनी चाहिए। लेकिन डॉक्टर के मुताबिक ये कोई जरूरी नहीं है। हाइमन एक पतला टिश्यू होता है और इसकी बनावट हर महिला में अलग हो सकती है। पहली बार पेनिट्रेशन के दौरान कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग हो सकती है, जबकि कई महिलाओं को बिल्कुल भी ब्लीडिंग नहीं होती। इसलिए ब्लीडिंग को वर्जिनिटी का सबूत नहीं माना जा सकता। इसी तरह, ब्लीडिंग न होने का मतलब भी यह नहीं है कि महिला ने पहले सेक्स किया है। किसी महिला की वर्जिनिटी को ब्लीडिंग के आधार पर तय नहीं किया जा सकता।
पहली बार सब कुछ परफेक्ट होना जरूरी नहीं
पहली बार को ले कर लोगों के मन में कई तरह की उम्मीदें होती हैं। फिल्मों और सोशल मीडिया की वजह से भी ऐसा लग सकता है कि पहली बार सब कुछ बेहद रोमांटिक और मैजिकल होना चाहिए। लेकिन असल जिंदगी में ऐसा जरूरी नहीं है। पहली बार घबराहट होना, झिझक महसूस होना या थोड़ा अजीब लगना नॉर्मल है। इसलिए खुद पर या अपने पार्टनर पर किसी तरह का दबाव न बनाएं। एक-दूसरे को कंफर्टेबल होने के लिए समय दें।
सुहागरात की कोई डेडलाइन नहीं होती
कई कपल्स को शादी के बाद ऐसा महसूस होता है कि पहली रात ही इंटिमेसी होना जरूरी है। लेकिन ऐसा कोई रूल नहीं है। डॉक्टर कहती है कि अगर आप दोनों थके हुए हैं, नर्वस हैं या अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं, तो उस रात सिर्फ आराम करना और एक-दूसरे के साथ समय बिताना भी बिल्कुल ठीक है। इंटिमेसी के लिए कोई तय तारीख या समय नहीं होता। जब दोनों लोग इसके लिए कंफर्टेबल और पूरी तरह से तैयार हों, तभी आगे बढ़ना बेहतर है। रिश्ते की शुरुआत में जल्दबाजी से ज्यादा जरूरी एक-दूसरे को समझना जरूरी है।
शुरुआत बातचीत से करें
फर्स्ट नाइट को कंफर्टेबल बनाने के लिए शुरूआत बातचीत से करें। अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। अगर आप नर्वस हैं या किसी बात को लेकर डर लग रहा है, तो उन्हें बताने में झिझकें नहीं। यह मान लेना कि सामने वाला क्या चाहता है, हमेशा सही नहीं होता। इसलिए एक-दूसरे से पूछकर और समझकर आगे बढ़ें। खुलकर की गई बातचीत रिश्ते में ट्रस्ट बढ़ाती है और दोनों को एक-दूसरे के साथ ज्यादा कंफर्टेबल महसूस करने में मदद करती है।
दोनों की सहमति सबसे जरूरी है
शादी हो जाने का मतलब यह नहीं है कि पहली रात फिजिकल रिलेशन बनाना जरूरी है। किसी भी तरह की इंटिमेसी में दोनों की सहमति जरूरी है। अगर दोनों में से कोई भी किसी समय अनकंफर्टेबल फील करता है या रुकना चाहता है, तो उसकी बात की रिस्पेक्ट करनी चाहिए। फर्स्ट नाइट को किसी एग्जाम की तरह ना लें। इसका मकसद किसी उम्मीद को पूरा करना या कुछ साबित करना नहीं है। दोनों का एक दूसरे के साथ कंफर्टेबल होना जरूरी है।
प्रोटेक्शन पर पहले से बात करें
डॉ तनुश्री कहती है कि अगर दोनों फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए तैयार हैं, तो प्रोटेक्शन और सेक्सुअल हेल्थ को लेकर भी पहले से बात करना समझदारी है। अपने पार्टनर के साथ इस बारे में खुलकर बात करें और दोनों की सहमति को ध्यान में रखकर फैसला लें। सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी किसी चिंता या सवाल के लिए डॉक्टर से सलाह लेना भी बेहतर रहता है।
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