डॉ सुगंधा शर्मा बताती हैं कि बीपी चेक करते हुए आपको ये 1 रीडिंग और पता करनी चाहिए। इससे आपकी हार्ट हेल्थ के बारे में काफी कुछ पता चलता है। उन्होंने पल्स प्रेशर के कॉन्सेप्ट को विस्तार से समझाया है, साथ ही कैसे पता लगाएं वो भी बताया है।
क्या होता है पल्स प्रेशर?
डॉ सुगंधा शर्मा बताती हैं कि आमतौर पर लोग सिर्फ बीपी की रीडिंग ले कर छोड़ देते हैं, लेकिन इसके साथ पल्स प्रेशर चेक करना भी जरूरी होता है। ये आपकी हार्ट हेल्थ के बारे में काफी कुछ बताता है। दरअसल पल्स प्रेशर का मतलब होता है कि कितने प्रेशर यानी कितने वेग से आपका हार्ट आपकी खून की नलियों में ब्लड को पंप करता है। अगर ये पल्स प्रेशर समस्या से बढ़ा हुआ आता है, तो इसका मतलब है कि आपके हार्ट पर लोड काफी ज्यादा बढ़ रहा है।
बीपी से किस तरह चेक किया जाता है पल्स प्रेशर?
बीपी चेक करते हुए दो नंबर दिखाई पड़ते हैं, ऊपर का नंबर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर होता है और नीचे का नंबर डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर होता है। इन दिनों के बीच का अंतर ही पल्स प्रेशर कहलाता है। यानी ऊपर के नंबर में से नीचे का नंबर घटा दें, तो आपका पल्स प्रेशर निकल जाता है।
(पल्स प्रेशर = सिस्टोलिक बीपी – डायस्टोलिक बीपी)
कितना पल्स प्रेशर नॉर्मल होता है?
डॉ सुगंधा कहती हैं कि नॉर्मल ब्लड प्रेशर 120/80 mmhg माना जाता है। इस हिसाब से नॉर्मल पल्स प्रेशर 40 mmhg होना चाहिए। ऐसे में अगर आपका पल्स प्रेशर 40 से बढ़कर 60 mmhg या उससे अधिक आता है, तो इसका मतलब है कि आपके हार्ट पर लोड काफी बढ़ा हुआ है। आपकी खून की नलियां हार्ड होना शुरू हो गई हैं, जिसे ‘हार्डनिंग ऑफ आर्टरीज’ कहा जाता है। इससे आगे चलकर हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
और किन स्थितियों में बढ़ा हुआ आ सकता है पल्स प्रेशर?
डॉ सुगंधा कहती हैं कि कई बार स्ट्रेस और एंग्जाइटी की वजह से भी पल्स प्रेशर बढ़ा हुआ आ सकता है। इसके अलावा एक हार्ट कंडीशन और होती है, जिसे एऑर्टिक रिगर्जिटेशन (Aortic regurgitation) कहा जाता है। इसमें हार्ट की वाल्व्स लीक करने लगती हैं। इस स्थिति में भी पल्स प्रेशर बढ़ा हुआ आ सकता है।
कम पल्स प्रेशर होना किसका संकेत है?
डॉक्टर कहती हैं कि अगर आपका पल्स प्रेशर 30 mmHg या उससे कम है, तो ये कुछ स्थितियों की वजह से हो सकता है। जैसे- पानी की कमी, लो स्ट्रोक वॉल्यूम, खून की कमी, बॉडी का शॉक में होना या हार्ट फेलियर की स्थिति।
डॉक्टर को दिखाने की जरूरत कब पड़ती है?
डॉ सुगंधा शर्मा बताती हैं कि अगर आपका पल्स प्रेशर 60 mmHg या उससे बढ़ा हुआ आता है, तो तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है। इस स्थिति में कुछ दिन लगातार अपना बीपी मॉनिटर करें। अगर कई दिनों लगातार तक पल्स प्रेशर बढ़ा हुआ आता है, तो अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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