गुड़ में फंगस लग गई है या फिर डिब्बे में बंद रहते हुए भी वह पिघल रहा है, तो फेंकने की गलती न करें। उस गुड़ को आप फिर से सही कर सकते हैं और बरसात में स्टोर करने का सही तरीका भी जान लीजिए।
क्यों लग जाती है फंगस?
गुड़ में फंगस या मेल्टिंग होने का मुख्य कारण होता है नमी और हवा लगना। अगर गुड़ हवा के संपर्क में आ जाता है या फिर गीले-नमी वाले बर्तन या डिब्बे में इसे रख देते हैं, तब फफूंदी लगने का खतरा रहता है। खासतौर पर मानसून सीजन में ये हवा से नमी को सोख लेता है और उसी से गुड़ मेल्ट होने लगता है।
फंगस लगे गुड़ को कैसे सही करें
गुड़ में फंगस ज्यादा लगी है, तो उसे फेंक सकते हैं लेकिन अगर कम लगी हुई है, तो उस हिस्से को चाकू से काटकर हटा सकते हैं। काटने पर आप देखेंगे कि गुड़ अंदर से पूरी तरह से सही है और सिर्फ ऊपर ही फफूंदी लगी थी।
गुड़ मेल्ट हो गया है तब क्या करना चाहिए
अगर डिब्बे में बंद होते हुए भी गुड़ मेल्ट हो रहा है, तो उसे फेंकने के बजाय कड़ाही में डालकर पूरा पिघला लें। पिघलाने के बाद आप उसे हलवे, मालपुआ, गुलगुले या खीर के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पिघला हुए गुड़ की मिठास कम नहीं होती है और न ही ये कभी खराब होता है।
मानसून में स्टोर करने का तरीका भी जानिए
- मानसून सीजन में गुड़ को एयरटाइट डिब्बे में बंद करें। अगर डिब्बे का ढक्कन ज्यादा टाइट नहीं है, तो अंदर पेपर या फॉयल लगाकर ढक्कन लगाएं। इससे नमी अंदर नहीं जाएगी और गुड़ खराब नहीं होगा।
- कभी गीले हाथों या चम्मच से गुड़ निकालने की गलती न करें, ऐसा करने पर पानी अंदर चला जाएगा और गुड़ खराब हो सकता है।
- नमी से गुड़ को बचाने के लिए चावल की पोटली बनाएं और डिब्बे के अंदर डाल दीजिए। चावल नमी को सोखने में मदद करता है और मेल्ट-फंगस से बचाएगा।
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