लॉजिस्टिक सेवा प्रदाता कंपनी डीएचएल एक्सप्रेस ने शनिवार को कहा कि वह अगले साल एक जनवरी से भारत में माल ढुलाई शुल्क में 8.9 प्रतिशत वृद्धि करेगी। कंपनी के अनुसार यह सालाना शुल्क वृद्धि मुद्रास्फीति के दबाव, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और उद्योग-विशिष्ट लागतों में वृद्धि जैसे विभिन्न कारकों के चलते की जाएगी। डीएचएल एक्सप्रेस ने कहा कि 220 से अधिक देशों और क्षेत्रों में परिचालन करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय एकीकृत व्यवसाय के रूप में कंपनी न केवल स्थानीय आर्थिक स्थितियों, बल्कि वैश्विक बाजारों के घटनाक्रमों से भी प्रभावित होती है।
डीएचएल एक्सप्रेस के दक्षिण एशिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर एस सुब्रमण्यन ने कहा, यह वार्षिक मूल्य समायोजन हमें सेवा और विश्वसनीयता के उस उच्च स्तर को बनाए रखने में सक्षम बनाता है, जिसकी हमारे ग्राहक अपेक्षा करते हैं। साथ ही यह हमारे वैश्विक परिचालन के लचीलेपन और अनुकूलन क्षमता को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।
सुब्रमण्यन ने कहा, हम अपने वैश्विक नेटवर्क, डिजिटल क्षमताओं, सुरक्षा बुनियादी ढांचे और टिकाऊ लॉजिस्टिक समाधानों में निवेश करके अपने ग्राहकों को इस बदलते परिवेश में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कंपनी ने बताया कि मुद्रास्फीति के अलावा, उसकी लागत संरचना ऊर्जा खर्च, अनुपालन आवश्यकताओं तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों द्वारा लागू किए जाने वाले बदलते सीमा शुल्क से भी लगातार प्रभावित हो रही है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.