भारत और श्रीलंका के बीच में दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसके चौथे दिन के खेल में टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में 193 के स्कोर पर सिमट गई। इस टेस्ट मुकाबले में टीम इंडिया की तरफ से बल्ले से नंबर-3 की पोजीशन पर खेलने पर बाएं हाथ के खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल का कमाल देखने को मिला, जिन्होंने पहली पारी में जहां 167 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली तो वहीं दूसरी पारी में 44 रन बनाने में कामयाब रहे जिसके दम पर पडिक्कल ने इस मुकाबले में कुल 211 रन बनाए। इसी के साथ पडिक्कल ने एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली है जिसमें वह विदेशी सरजमीं पर भारत की तरफ से नंबर-3 की पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए किसी टेस्ट मुकाबले में 200 या उससे अधिक रन बनाने वाले सिर्फ तीसरे खिलाड़ी हैं।
पडिक्कल को सुदर्शन के बाहर होने पर मिला मौका और उठाया पूरा फायदा
देवदत्त पडिक्कल को श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट मैच में साई सुदर्शन के चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद नंबर-3 की पोजीशन पर खेलने का मौका मिला। पडिक्कल ने इस मौके का पूरी तरह से फायदा उठाने के साथ अपने टेस्ट करियर का पहला शतक भी जड़ दिया। वहीं दूसरी पारी में भी उनके बल्ले से अहम समय पर 44 रनों की पारी देखने को मिली। इसी के साथ पडिक्कल अब सिर्फ तीसरे ऐसे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं जो घर के बाहर नंबर-3 की पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए किसी टेस्ट मुकाबले में कुल 200 या उससे अधिक रन बनाने में कामयाब हुए हैं। पडिक्कल से पहले राहुल द्रविड़ ने ये कारनामा पांच बार किया था तो वहीं संजय मांजरेकर एकबार करने में कामयाब हो सके थे। वहीं घर और बाहर दोनों जगह मिलाकर देखा जाए तो पडिक्कल अभी तक के सिर्फ 8वें भारतीय खिलाड़ी हैं जो नंबर-3 की पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए 200 या उससे अधिक रन बनाने में कामयाब रहे हैं।
टीम इंडिया ने श्रीलंका को दिया है 372 रनों का टारगेट
श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट मैच में भारतीय टीम की तरफ से पहली पारी में तो शानदार प्रदर्शन बल्लेबाजी देखने को मिली लेकिन दूसरी पारी में उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं दिखा जिसमें 193 रन बनाकर सिमट गई। टीम इंडिया के लिए इस पारी में ऋषभ पंत ने 66 रनों की पारी खेली जिसमें उन्होंने दो छक्के भी लगाए और इसके दम पर वह टेस्ट क्रिकेट में वह अपने छक्कों का शतक भी पूरा करने में कामयाब रहे। टीम इंडिया के लिए इस पारी में सिर्फ तीन ही बल्लेबाजी दहाई का आंकड़ा पार करने में कामयाब हो सके।
ये भी पढ़ें
ऐसा इंटरनेशनल डेब्यू किसी का भी ना हो, बीच मैच में आया खिलाड़ी, फिर हो गया गोल्डन डक का शिकार
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.