दुबई, चार सितंबर अनुभवी हरफनमौला दीप्ति शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि हाल के मुकाबलों में भारत हमेशा पाकिस्तान से एक कदम आगे रहा है और शनिवार को यहां होने वाले महिला एशिया कप मैच में भी टीम इसी लय को बनाए रखने की कोशिश करेगी। भारत पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुका है लेकिन टीम लीग चरण का अंत पाकिस्तान पर जीत के साथ करना चाहेगी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम थाईलैंड और हांगकांग के खिलाफ शानदार जीत के साथ ग्रुप-ए में शीर्ष पर है।
दीप्ति ने मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘देखिए, ऐसा (सेमीफाइनल में पहुंचने का) कोई खास फायदा नहीं है। बस बात यह है कि हमने उनके (पाकिस्तान के) खिलाफ जो भी मैच जीते हैं, चाहे वह एशिया कप हो या कोई और मैच, हम हमेशा उनसे एक कदम आगे रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘पूरी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
अगर आप गेंदबाजी या बल्लेबाजी इकाई को देखें तो मुझे लगता है कि दोनों ही संतुलित हैं। जिस खिलाड़ी का दिन अच्छा होता है, वह बेहतर करने और खेल को आगे ले जाने की कोशिश करती है। उसके आसपास के खिलाड़ी सकारात्मक रवैया बनाए रखने की कोशिश करते हैं, ताकि वे अपने खेल में और बेहतर कर सकें।’’
पाकिस्तान टीम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, हमारी टीम भी अच्छी है और उनके गेंदबाज भी अच्छे हैं।
हमें यह पता है। लेकिन हम अपनी ताकत पर ज्यादा ध्यान देते हैं और जैसा कि मैंने कहा, हम अच्छी क्रिकेट खेलना चाहते हैं। हम इसी पर ध्यान दे रहे हैं।’’
दो मैचों में छह विकेट लेने वाली दीप्ति ने कहा, ‘‘हम बस अच्छी क्रिकेट खेलना चाहते हैं।
गेंदबाजी और बल्लेबाजी इकाई के तौर पर टीम को उतना ही एकजुट होना चाहिए, जितना हम पिछले दो मैचों में रहे हैं। यही हमारी सोच है।’’
उन्होंने टीम संयोजन के बारे में कुछ भी बताने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘यह फैसला टीम प्रबंधन का है।’’
इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी और लेग-स्पिनर प्रेमा रावत की तारीफ की। दीप्ति ने कहा, ‘‘चरणी बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।
वह रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर हैं। पिछले साल उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। जिस तरह से वह गेंद को टर्न कराती हैं, वह अविश्वसनीय है।
बल्लेबाज के लिए उन्हें खेलना आसान नहीं होता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रेमा के साथ भी ऐसा ही है। उन्होंने बहुत ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। लेकिन जब भी उन्हें गेंदबाजी करने का मौका मिलता है, वह हमेशा एक कदम आगे रहती हैं।
उनकी सोच ऐसी होती है कि ‘मुझे टीम के लिए विकेट लेने हैं।’’’
चरणी ने दो मैचों में चार विकेट लिए हैं, जबकि प्रेमा ने दो मैचों में दो विकेट लिए हैं। दीप्ति ने कहा कि एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने उनकी हरसंभव मदद करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मैदान और नेट सत्र के दौरान उनकी जितनी हो सके, मदद करने और अपना अनुभव उनके साथ साझा करने की कोशिश की है।
एक सीनियर खिलाड़ी होने के नाते, मैं उनकी जितनी हो सके, मदद करती हूं।
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