सेक्स सिर्फ पेनिट्रेशन तक सीमित नहीं
सेक्स का मतलब सिर्फ पेनिट्रेशन नहीं है। किस करना, एक-दूसरे को छूना, ओरल सेक्स और दूसरे तरीकों से करीब आना भी कपल्स के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। सेक्स थेरेपिस्ट होली रिचमंड भी मानती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान कपल्स दूसरे तरीकों से भी अपनी नजदीकी और प्यार बनाए रख सकते हैं। अगर किसी भी तरीके से दर्द या परेशानी हो, तो उसे रोक दें और डॉक्टर से बात करें।
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डॉगी स्टाइल
इस पोजिशन में प्रेग्नेंट महिला अपने हाथों और घुटनों के सहारे रह सकती है और पार्टनर पीछे की तरफ से करीब आता है। इस पोजिशन में पेट पर सीधा दबाव नहीं पड़ता, इसलिए शुरुआती प्रेग्नेंसी में यह कुछ महिलाओं को आरामदायक लग सकती है।
अगर पेट भारी लगने लगे, तो तकिए का सहारा लिया जा सकता है। इस दौरान बहुत ज्यादा गहराई से पेनिट्रेशन से बचना बेहतर है, क्योंकि कुछ महिलाओं को गर्भाशय के मुंह के पास दबाव महसूस हो सकता है।
कब ज्यादा आरामदायक हो सकती है: पहली तिमाही और दूसरी तिमाही की शुरुआत में। जैसे-जैसे पेट बढ़ता है, यह पोजिशन मुश्किल लग सकती है।
वुमन ऑन टॉप
इस पोजिशन में प्रेग्नेंट महिला ऊपर रहती है। इसका एक फायदा यह है कि वह अपनी सुविधा के हिसाब से मूवमेंट और पेनिट्रेशन की गहराई को कंट्रोल कर सकती है। आराम के लिए पैरों को थोड़ा खोलकर रखना या थोड़ा पीछे की तरफ झुकना मदद कर सकता है। इससे पेट पर कम दबाव पड़ता है।
कब ज्यादा आरामदायक हो सकती है: पहली और दूसरी तिमाही में। तीसरी तिमाही में अगर अंदर की तरफ ज्यादा संवेदनशीलता हो, तो गहरे पेनिट्रेशन से बचना बेहतर है।
स्पूनिंग सेक्स
स्पूनिंग सेक्स प्रेग्नेंसी में काफी आरामदायक पोजिशन हो सकती है। इसमें दोनों पार्टनर एक ही दिशा में करवट लेकर लेटते हैं और पार्टनर पीछे से करीब आता है। इस पोजिशन में पेट पर ज्यादा वजन नहीं पड़ता। बाद की प्रेग्नेंसी में पेट को तकिए से सहारा देने पर और आराम मिल सकता है।
कब ज्यादा आरामदायक हो सकती है: दूसरी और तीसरी तिमाही में यह पोजिशन खास तौर पर आरामदायक लग सकती है।
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स्टैंडिंग सेक्स
इस पोजिशन में प्रेग्नेंट महिला खड़ी होकर दीवार का सहारा ले सकती है और पार्टनर पीछे या सामने से करीब आ सकता है। शुरुआती महीनों में यह पोजिशन कुछ महिलाओं के लिए ठीक हो सकती है। लेकिन 20 हफ्ते के बाद पेट बढ़ने के साथ शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए गिरने से बचने के लिए मजबूत जमीन पर रहना जरूरी है।
ध्यान रखें: कुर्सी, सीढ़ी या किसी ऊंची चीज पर खड़े होकर यह पोजिशन न आजमाएं।
कब ज्यादा आरामदायक हो सकती है: पहली और दूसरी तिमाही में। तीसरी तिमाही में पेट बढ़ने के कारण इसे करना मुश्किल हो सकता है।
सीटेड सेक्स
इस पोजिशन में प्रेग्नेंट महिला कुर्सी या बिस्तर के किनारे बैठ सकती है और पार्टनर उसके सामने या पास रह सकता है। जरूरत के हिसाब से पीठ और कमर के पीछे तकिए लगाए जा सकते हैं। इस पोजिशन का फायदा यह है कि प्रेग्नेंट महिला अपने शरीर और पेट को आराम दे सकती है। इसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे के काफी करीब भी रह सकते हैं।
कब ज्यादा आरामदायक हो सकती है: तीनों तिमाही में।
प्रेग्नेंसी में सबसे जरूरी है आराम
प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए कोई एक पोजिशन सभी के लिए सही नहीं होती। जो पोजिशन आरामदायक लगे, वही बेहतर है। अगर दर्द, खून आना या किसी तरह की परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
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