लखनऊ के चिनहट स्थित देवा रोड पर टाटा मोटर्स प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी (ई-बस) का बुधवार को फ्लैग ऑफ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाई। उसे सवार होकर उसकी खासियत जानी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी के साथ प्लांट का विजिट किया। टाटा मोटर्स के CEO और MD गिरीश वाघ ने कहा- आज हम सब यहां पर 10 लाखवें वाहन के विटनेस बने हैं। यहां पर कॉमर्शियल व्हीकल का उत्पादन करते हैं। सप्लायर, पार्टनर और कम्युनिटी का इको सिस्टम है। हम अगले 5 साल में 20 लाख व्हीकल बनाएंगे। समारोह में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद हैं। 10 लाखवीं गाड़ी एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो राज्य और कंपनी की ग्रीन मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की नेट-जीरो 2070 की परिकल्पना और कंपनी के 2045 के लक्ष्य के अनुरूप है। यह प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का है, जिसमें औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में यह उपलब्धि प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी। निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश देगी। करीब तीन दशकों से अधिक समय से संचालित यह प्लांट प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट आज प्रदेश में 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। कौशल विकास के लिए ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है। साथ ही, यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। देखिए 5तस्वीरें… पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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