- Hindi News
- Business
- China Is Also Gaining An Edge Over America In The Pharmaceutical Industry.
- कॉपी लिंक
शिकागो में कैंसर विशेषज्ञों की सालाना कॉन्फ्रेंस।- फाइल फोटो
नई दवाओं के विकास में चीन तेजी से उभरती ताकत बनता दिख रहा है। दशकों तक कैंसर विशेषज्ञों की सालाना कॉन्फ्रेंस में दवाइयों के ट्रायल्स मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप के अस्पताल चलाते थे, लेकिन पिछले सप्ताह शिकागो में आयोजित अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी (एएससीओ) की वार्षिक बैठक ने संकेत दिया कि वैश्विक बायोटेक्नोलॉजी परिदृश्य बदल रहा है।
कभी अपेक्षाकृत छोटी मानी जाने वाली चीन की बायोटेक इंडस्ट्री कुछ ही वर्षों में नई दवाओं के शोध, विकास और क्लीनिकल परीक्षण का बड़ा केंद्र बन गई है। 1989 से एएससीओ सम्मेलन में भाग ले रहे जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. ओटिस ब्रॉली के अनुसार, चीन की बायोटेक इंडस्ट्री अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। हालांकि इस प्रगति ने अमेरिकी अधिकारियों, दवा कंपनियों और चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। उनकी आशंका नई दवाओं के विकास पर नियंत्रण और बायोटेक क्षेत्र में अमेरिका की लंबे समय से बनी बढ़त के कमजोर पड़ने से भी जुड़ी है।
अमेरिकी बायोटेक स्टार्टअप्स का कहना है कि उन्हें पेटेंट, रिसर्च पब्लिकेशन और क्लीनिकल ट्रायल्स के क्षेत्र में चीनी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या चीन में विकसित दवाएं अमेरिकी मरीजों पर भी उतनी ही प्रभावी साबित होंगी, जितनी चीनी नागरिकों पर होती हैं। दरअसल, लंग कैंसर के एशियाई मरीज लंबे समय तक जीवित रहते हैं और अन्य नस्ल के लोगों की तुलना में उन्हें इलाज से ज्यादा फायदा होता है। सम्मेलन में सबसे अधिक चर्चा चीनी कंपनी अकेसो बायोफार्मा की कैंसर-रोधी दवा इवोनेसिमैब को लेकर रही। कंपनी इस दवा का अमेरिकी मरीजों पर भी परीक्षण कर रही है।
कई बड़ी दवा कंपनियों के चीन से सौदे
पिछले कुछ वर्षों से दुनिया की बड़ी फार्मास्युटिकल्स कंपनियां चीन की दवाइयां और कच्चे माल का बड़े पैमाने पर आयात कर रही हैं। इस साल अब तक ऐसे लगभग आधे सौदे चीनी कंपनियों से हुए हैं। ये 2020 से बहुत अधिक हैं। कॉन्फ्रेंस में इवोनेसिमैब सहित कैंसर की अन्य दवाइयों के सौदे फाइजर, मर्क और ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब जैसी बड़ी कंपनियों ने किए हैं।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
