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दुनियाभर के हजारों स्कूलों और यूनिवर्सिटी में इस्तेमाल होने वाला कैनवास (Canvas) ऑनलाइन लर्निंग सिस्टम गुरुवार को साइबर अटैक के बाद ठप हो गया। फाइनल एग्जाम से ठीक पहले हुए इस आउटेज ने लाखों छात्रों और शिक्षकों को मुश्किल में डाल दिया।

Canvas का इस्तेमाल ऑनलाइन पढ़ाई, असाइनमेंट, ग्रेड, लेक्चर वीडियो और परीक्षा सामग्री के लिए किया जाता है। सिस्टम बंद होने के बाद छात्र अपने नोट्स, लेक्चर स्लाइड्स और फाइनल एग्जाम सामग्री तक पहुंच नहीं बना सके। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की कि वे परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
साइबर सिक्योरिटी फर्म एमिसॉफ्ट के थ्रेट एनालिस्ट ल्यूक कॉनॉली के मुताबिक शाइनीहंटर्स (ShinyHunters) नाम के हैकर ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली है। ग्रुप ने दावा किया कि उसने करीब 9 हजार स्कूल और शिक्षण संस्थानों के अरबों निजी मैसेज और रिकॉर्ड्स तक पहुंच बनाई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स रविवार से डेटा लीक करने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने गुरुवार और 12 मई तक की डेडलाइन तय की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिरौती से जुड़ा मामला हो सकता है।
हालांकि, Canvas की पैरेंट कंपनी Instructure ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि सिस्टम को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया या हैकर्स ने तकनीकी रूप से उसे ठप किया।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ आयोवा ने इसे ‘राष्ट्रीय स्तर की साइबर सुरक्षा घटना’ बताया। वर्जीनिया टेक ने कहा कि आउटेज का असर फाइनल एग्जाम और सेमेस्टर गतिविधियों पर पड़ रहा है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस ऐट सैन एंतोनियो ने कुछ फाइनल एग्जाम आगे बढ़ा दिए हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के एक वरिष्ठ लेक्चरर ने कहा कि छात्र पूरे सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए Canvas पर निर्भर थे और अब अकादमिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक शिक्षा संस्थानों में मौजूद बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा उन्हें साइबर अपराधियों का बड़ा निशाना बनाता है। इससे पहले भी अमेरिका के कई स्कूल डिस्ट्रिक्ट बड़े साइबर हमलों का शिकार हो चुके हैं।
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