भारत में अब सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं, बजट स्मार्ट टीवी की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। मेमोरी चिप्स और अन्य कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत का सबसे ज्यादा असर 32 और 43 इंच जैसे एंट्री-लेवल टीवी पर पड़ने की संभावना है।
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स्मार्ट टीवी की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप्स की कीमतों में भारी उछाल आया है। इन चिप्स का इस्तेमाल स्मार्ट टीवी में ऑपरेटिंग सिस्टम, ऐप्स और अन्य स्मार्ट फीचर्स को चलाने के लिए किया जाता है। छोटे और बजट टीवी में मेमोरी कॉस्ट का प्रोडक्शन लागत ज्यादा होने के चलते इनकी कीमतों पर दबाव पहले से ज्यादा पड़ रहा है।
32 और 43 इंच टीवी पर ज्यादा असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 32 इंच टीवी की कीमतों में औसतन 3,000 से 3,500 रुपये तक का इजाफा देखा गया है। वहीं 43 इंच टीवी मॉडल्स की कीमत करीब 3,000 से 5,000 रुपये तक बढ़ी है। 50 से 55 इंच की रेंज में भी कीमतों में लगभग 5,000 से 6,000 रुपये तक का असर पड़ चुका है। हालांकि बड़े स्क्रीन वाले प्रीमियम टीवी में कंपनियां लागत का कुछ हिस्सा खुद उठा रही हैं, जिससे वहां कीमतों का असर अपेक्षाकृत सीमित है।
कमजोर रुपया और सप्लाई की दिक्कत भी
मेमोरी चिप्स के अलावा कमजोर रुपये और इंपोर्टेड कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत भी टीवी कंपनियों के लिए चुनौती बन गई है। सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत बढ़ने का असर भी धीरे-धीरे ग्राहकों तक पहुंच रहा है। हालिया रिपोर्ट्स में अगस्त से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की कई कैटेगरी में नई कीमत बढ़ोतरी की बात कही गई है और टीवी की कीमतें इस साल पहले ही 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
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बड़े टीवी की तरफ बढ़ रहे खरीदार
दिलचस्प बात यह है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बड़े स्क्रीन टीवी की मांग मजबूत बनी हुई है। 43 इंच और उससे बड़े टीवी की सेल बढ़ रही है, जबकि 32 इंच जैसे एंट्री-लेवल मॉडल्स की मांग कमजोर पड़ी है। इसकी एक वजह यह भी है कि बड़े टीवी में कीमत बढ़ोतरी का प्रतिशत कम महसूस होता है और ग्राहक EMI जैसे विकल्पों के जरिए ज्यादा कीमत वाले मॉडल्स की तरफ बढ़ रहे हैं।
कंपनियां ला सकती हैं नॉन-स्मार्ट टीवी
बजट ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए कुछ टीवी कंपनियां नॉन-स्मार्ट टीवी सेगमेंट की तरफ भी दोबारा रुख कर रही हैं। नॉन-स्मार्ट टीवी में मेमोरी चिप्स की जरूरत कम या नहीं होती, इसलिए इन्हें काफी कम कीमत पर पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कंपनियां 32, 40 और 43 इंच स्क्रीन साइज में ऐसे मॉडल्स लाने की तैयारी कर रही हैं, जिससे पहली बार टीवी खरीदने वाले ग्राहकों को सस्ता विकल्प मिल सके।
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