उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के फैजगंज बेहटा क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मंगलवार को दिनभर चला विवाद शाम होते-होते हिंसक बवाल में बदल गया। प्रतिमा तोड़े जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें सात पुलिसकर्मियों समेत आठ लोग घायल हो गए। पुलिस ने सात उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में कथित तौर पर सरकारी जमीन पर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने प्रतिमा को लात मारकर गिरा दिया और उसका एक हाथ तोड़ दिया। इसके बाद शाम को पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव किया गया।
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन के अनुसार, पथराव में सात पुलिसकर्मी और एक ग्रामीण घायल हुए हैं। भीड़ के पथराव में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंगलवार सुबह विजेंद्र कुमार और वीरेंद्र पाल नामक पुलिसकर्मियों ने गांव में पिछले करीब छह महीने से लगी बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा को लात मारकर गिरा दिया, जिससे उसका एक हाथ टूट गया। ग्रामीण मोहर श्री ने कहा कि उनकी मांग है कि प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए और जिन पुलिसकर्मियों पर प्रतिमा का अपमान करने का आरोप है, उन्हें गांव में बुलाया जाए।
वहीं, जिलाधिकारी राय ने बताया कि प्रतिमा प्रतिबंधित सरकारी जमीन पर स्थापित की गई थी। राजस्व अभिलेखों में यह जमीन ग्राम समाज की खलिहान की भूमि दर्ज है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस जमीन पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर प्रशासन ने आपत्ति जताई थी।
राय के अनुसार, मौके पर दोनों पक्षों को समझाया गया और इस बात पर सहमति बनी कि प्रशासन एक समिति गठित करेगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मुताबिक, इसी दौरान गांव के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक छवि राम ने आंबेडकर पार्क के लिए अपनी जमीन देने की पेशकश की थी।
प्रशासन की अनुमति और निर्धारित नियमों के तहत उनकी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने पर भी सहमति बनती दिखाई दे रही थी, लेकिन शाम होते-होते स्थिति बिगड़ गई। जिलाधिकारी ने बताया कि देर शाम अंधेरा होने के बाद अचानक कुछ लोगों ने महिलाओं और बच्चों की आड़ लेकर पुलिस एवं प्रशासन की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस वाहनों के अलावा एंबुलेंस और पीएसी के ट्रक को भी निशाना बनाया गया।
प्रशासन का दावा है कि पथराव में 10 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से तहसील परिसर में रखवा दिया गया है, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.