BPSC TRE 4 Vacancy: बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में कई बदलाव किये हैं। पहली बार टीआरई-4.0 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है।
न्यूनतम अर्हतांक भी तय
प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन विषय की होगी, जिसके सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, इतिहास, सामान्य भूगोल एवं मानसिक योग्यता वाले सवाल होंगे। पीटी में सामान्य श्रेणी के लिए 40%, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34% तथा एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला के लिए 32% न्यूनतम अर्हता अंक लाना अनिवार्य होगा। महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए देय 04% क्षैतिज आरक्षण सहित निर्धारित न्यूनतम अर्हतांक 32% मात्र बिहार राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थियों को ही देय होगा। पीटी के प्राप्तांक व अधिमानता में प्राप्त अंक के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या कुल रिक्तियों की ढाई से दस गुनी होगी। पीटी, मेंस के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हतांक प्राप्त करने के बाद ही दोनों चरणों में अधिमानता का अंक जोड़ा जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि टीआरई-4 से शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और बेहतर होगी व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सरकार के प्रयासों को और गति मिलेगी।
मेन्स की मुख्य बातें
● 150 अंकों की परीक्षा होगी। पहली से पांचवी कक्षा में 30 अंक भाषा में लाना अनिवार्य होगा।
● छठी से आठवीं में तीन भाग होगा। पहले पेपर में भाषा में 30 अंक लाना अनिवार्य होगा। भाग दो 40 अंक और भाग तीन 80 अंकों का होगा।
● माध्यमिक विद्यालय में तीन भाग होगा। पहला पेपर भाषा को होगा। इसमें 150 में 30 अंक लाना होगा। दूसरा पेपर 40 अंकों का सामान्य अध्ययन और 80 अंकों का विषय से परीक्षा होगी
● उच्च माध्यमिक विद्यालय में तीन भाग होगा। पहला पेपर भाषा का होगा। इसमें 150 में 30 अंक लाना होगा। दूसरा पेपर 40 अंकों का सामान्य अध्ययन और 80 अंकों का विषय से परीक्षा होगी।
बिहार शिक्षक भर्ती में कहां कितने पद
1. प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5): कुल पद 3,847
सामान्य: 3,065
बांग्ला: 25
2. मध्य विद्यालय (कक्षा 6 से 8): कुल पद 8,563
विज्ञान एवं गणित: 2,188
संस्कृत: 1,225
सामाजिक विज्ञान: 1,190
अंग्रेजी: 929
3. माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9 से 10): कुल पद 3,877
सामाजिक विज्ञान: 756
अंग्रेजी: 696
विज्ञान: 463
संस्कृत: 322
शारीरिक शिक्षा: 47
4. उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 11 से 12): कुल पद 16,101
रसायनशास्त्र: 3,811
मनोविज्ञान: 1,775
भौतिकी: 1,758
अंग्रेजी: 1,358
वनस्पति: 1,176
संस्कृत: 746
जंतु विज्ञान: 449
गृह विज्ञान: 418
कंप्यूटर: 407
राजनीति: 267
अर्थशास्त्र: 138
सभी स्तरों को मिलाकर कुल रिक्त पदों की संख्या 32,388 है।
ऐसे बनेगी मेरिट लिस्ट
– वर्ग 1 से 5 तक के अध्यापक के लिए
मुख्य परीक्षा के प्राप्तांक (भाग–II) के आधार पर आयोग सफल अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची तैयार करेगा। भाग–II (सामान्य अध्ययन) के प्राप्तांक समान होने की स्थिति में भाषा (अर्हता) (भाग–I) विषय के प्राप्तांक के अनुसार मेधा–क्रम तय होगा। भाषा (अर्हता) (भाग–I) विषय में भी प्राप्तांक समान होने की स्थिति में उम्र व उम्र समान होने पर देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नाम वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जायेगी।
– 6 से 8, 9 से 10, एवं 11 से 12 के अध्यापक के लिए
मुख्य परीक्षा के कुल प्राप्तांक (भाग–II एवं III) के आधार पर आयोग सफल अभ्यर्थियों की औपबंधिक मेधा सूची तैयार करेगा। कुल प्राप्तांक (भाग–II एवं III) समान होने की स्थिति में चयनित विषय (भाग–III) का प्राप्तांक व चयनित विषय में समान अंक होने की स्थिति में भाषा (अर्हता) (भाग–I) विषय के प्राप्तांक के अनुसार मेधा–क्रम निर्धारित होगा। भाषा (अर्हता) (भाग–I) विषय में भी प्राप्तांक समान होने की स्थिति में उम्र तथा उम्र में समानता होने पर देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नाम वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जायेगी।
दोनों परीक्षाओं की होगी भूमिका
पहली बार अभ्यर्थियों को पीटी और मेंस से गुजरना होगा। चयन प्रक्रिया में दोनों परीक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आयोग के विज्ञापन में इसका जिक्र है। इससे पहले शिक्षक भर्ती के तीन चरणों में एक ही परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों चयन हुआ था। प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों से मुख्य परीक्षा के लिए अलग से आवेदन लिये जाएंगे। सभी पदों के लिए न्यूनतम उम्र सीमा की गणना एक अगस्त, 2026 तथा अधिकतम उम्र सीमा की गणना एक अगस्त, 2024 को आधार मानकर की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण का लाभ बिहार के निवासी को ही मिलेगा। शिक्षक भर्ती परीक्षा में पहली बार गलत उत्तर पर निगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान किया गया है।
प्री परीक्षा कैसी होगी
प्री परीक्षा कुल दो घंटे की होगी और इसमें 150 सवाल वस्तुनिष्ठ प्रकृति के बहुविकल्पीय पूछे जाएंगे, जो प्रत्येक एक-एक अंक के होंगे। पीटी में गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग मिलेगा। प्रत्येक गलत जवाब के लिए एक तिहाई निगेटिव मार्किंग का प्रावधान होगा। इस बार विकल्प ‘ई’ का भी प्रावधान किया गया है। जो अभ्यर्थी कोई उत्तर नहीं देना चाहते हैं, वे यह विकल्प चुन सकते हैं।
मेन्स परीक्षा कैसी होगी
मेन्स वही शामिल होंगे, जो पीटी में न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करेंगे। सभी पदों के लिए ली जाने वाली मुख्य परीक्षा वस्तुनिष्ठ एवं बहु विकल्पीय होगी। इसमें 150 सवाल पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। मुख्य परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) में नकारात्मक अंकन का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक अनुत्तरित प्रश्न पर नकारात्मक अंकन करते हुए एक तिहाई अंक की कटौती होगी। साक्षात्कार नहीं होगा।
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