बिटकॉइन की कीमत में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी देखने को मिली है। अक्टूबर की शुरुआत के साथ निवेशकों की जोखिम वाली संपत्तियों में दिलचस्पी लौटती दिख रही है, जिसका फायदा दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी को मिला है। शुक्रवार को बिटकॉइन 86,000 डॉलर के स्तर को पार कर गया और सितंबर तिमाही में इसके प्रदर्शन ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार शुक्रवार को बिटकॉइन की कीमत एक समय 2.66% तक बढ़कर 86,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गई थी। बाद में इसकी तेजी कुछ कम हुई और लंदन के समय के अनुसार सुबह 10:30 बजे यह करीब 86,200 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। इस सप्ताह अब तक बिटकॉइन की कीमत लगभग 2% बढ़ चुकी है।
इस तेजी में संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को अहम माना जा रहा है। बिटकॉइन से जुड़े कारोबार में निवेश करने वाले एक्सचेंज आधारित कोषों में मजबूत निवेश से इसकी मांग को सहारा मिला है। सितंबर तक के 3 महीनों में बिटकॉइन करीब 40% चढ़ा है। इस प्रदर्शन के साथ यह 2024 के अंत के बाद इसकी सबसे मजबूत तिमाही रही है।
गौरतलब है कि 2026 में बिटकॉइन को लंबे समय तक दबाव का सामना करना पड़ा था। पिछले साल अक्टूबर में इसकी कीमत 126,000 डॉलर से ऊपर पहुंचकर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर गई थी। इसके बाद आई तेज गिरावट ने क्रिप्टो बाजार को काफी नुकसान पहुंचाया था। इस साल एक समय बिटकॉइन अपने रिकॉर्ड स्तर से आधे से भी ज्यादा नीचे चला गया था।
हाल की तेजी के बाद कुछ कारोबारी मान रहे हैं कि क्रिप्टो बाजार में गिरावट का सबसे खराब दौर शायद पीछे छूट चुका है। हालांकि, यह अभी बाजार की धारणा है और आगे की दिशा कीमतों, निवेश और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
बिटकॉइन ने हाल के कुछ बड़े आर्थिक और नीतिगत घटनाक्रमों के बावजूद अपनी मजबूती बनाए रखी है। अमेरिका की सीनेट में लंबे समय से चर्चा में रहे क्रिप्टो नियमन विधेयक को आगे बढ़ाने में सफलता नहीं मिली थी। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने सितंबर के मध्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। इसके बावजूद बिटकॉइन की कीमत पर बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
अपोलो क्रिप्टो के शोध प्रमुख प्रतीक काला के अनुसार दुनियाभर के निवेशकों ने बिटकॉइन की इस मजबूती पर ध्यान दिया है। उनका कहना है कि कुछ समय पहले बाजार में बेहद कमजोर धारणा थी, लेकिन अब निवेशकों में गिरावट के दौरान खरीदारी करने की सोच बढ़ी है।
अक्टूबर की शुरुआत में आई यह तेजी क्रिप्टो बाजार की एक पुरानी मौसमी धारणा से भी जोड़ी जा रही है, जिसे आमतौर पर अक्टूबर की तेजी कहा जाता है। पिछले 15 अक्टूबर महीनों में बिटकॉइन 10 बार बढ़त के साथ बंद हुआ है। हालांकि पिछले साल अक्टूबर में इसकी कीमत करीब 7% गिर गई थी और रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद यह गिरावट निवेशकों के लिए खास तौर पर निराशाजनक रही थी।
अब निवेशकों की नजर सिंगापुर में होने वाले टोकन 2049 आयोजन और अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर भी है। टोकन 2049 में क्रिप्टो उद्योग से जुड़े बड़े कारोबारी और अधिकारी शामिल होने वाले हैं। वहीं अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट से पिछले महीने गैर-कृषि क्षेत्रों में करीब 90,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान है। इससे पहले महीने में 162,000 नौकरियां बढ़ी थीं।
शुक्रवार को यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में भी करीब 1% की तेजी रही, जबकि अमेरिका के प्रमुख शेयर सूचकांकों के वायदा कारोबार में करीब 0.5% की बढ़त थी। ऐसे माहौल में बिटकॉइन की तेजी यह संकेत दे रही है कि निवेशकों का जोखिम वाली संपत्तियों की ओर रुख फिर बढ़ रहा है।
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