बिहार राज्य के विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर संकाय (पीजी) के 46 विषयों के संशोधित नए पाठ्यक्रम को लागू कर दिया गया। इसमें पीजी प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम शामिल हैं। राज्यपाल सह कुलाधिपति सय्यद अता हसनैन के निर्देश पर राज्यपाल सचिवालय की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। पाठ्यक्रम चालू शैXक्षिणक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगा। एनईपी और यूजीसी के पीजीसीएफ के अनुरूप ये पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की सुविधा मिलेगी।
यह व्यवस्था एनईपी, 2020 के तहत की गई है। जिन विषयों के नए पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं उनमें आंबेडकर विचार, प्राचीन इतिहास, अंगिका, मानव विज्ञान, अरबी, बंगाली, भोजपुरी, बायोकेमेस्ट्री, बायो टेक्नोलाजी, जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, बौद्ध दर्शन, रसायन, भौतिकी, वाXणिज्य, नाट्यशास्त्र, अर्थशास्त्र, Xशिक्षा शास्त्र, इलेक्ट्रानिक साइंस, अंग्रेजी, गांधी दर्शन, भूगोल, भूगर्भ शास्त्र, हिंदी, इतिहास, गृह विज्ञान, इस्लामिक दर्शन, पत्रकारिता एवं जन संचार, मगही, Xमैथिली, गXणित, संगीत, पाली, फारसी, पर्सनल मैनेजमेंट एंड इंडस्ट्रीयल रिलेशंस, दर्शन शास्त्र, राजनीति विज्ञान, प्राकृत शास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन, ग्रामीण अर्थशास्त्र, संस्कृत, समाज शास्त्र, सांख्यांकी और उर्दू शामिल हैं।
प्रत्येक सेमेस्टर में विद्यार्थियों को कुल 22 क्रेडिट अर्जित करने होंगे। प्रत्येक पेपर चार क्रेडिट का होगा और एक सेमेस्टर में कुल छह पेपर पढ़ने होंगे। सभी पेपर 100-100 अंकों के होंगे। इनमें 70 लिखित परीक्षा और 30 अंक इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिए जाएंगे। किसी भी पेपर में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक सेमेस्टर में विद्यार्थियों को चार कोर कोर्स, एक जनरिक इलेक्टिव पेपर तथा एक वैल्यू एडेड, स्किल एन्हांसमेंट कोर्स पढ़ना होगा।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.