भारतीय कुश्ती में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है और इस बार केंद्र में पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच टकराव है। बता दें कि हाल ही में महासंघ ने विनेश फोगाट को राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और बढ़ गए हैं।
गौरतलब है कि विनेश फोगाट ने इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश शेयर किया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि वह इस लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि जीवन कठिन परिस्थितियों में घिरा हुआ है, लेकिन उन्होंने हमेशा सिर ऊंचा रखकर संघर्ष किया है और आगे भी करती रहेंगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में यह फैसला लिया गया है। महासंघ का कहना है कि विनेश फोगाट ने वापसी के लिए जरूरी नियमों का पालन नहीं किया है। विशेष रूप से विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी के नियमों के तहत सेवानिवृत्ति के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी को छह महीने पहले सूचना देना अनिवार्य होता है, जिसे पूरा नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस फैसले के चलते विनेश फोगाट की वापसी फिलहाल टल गई है। वह गोण्डा में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता से वापसी करना चाहती थीं, लेकिन अब उन्हें इंतजार करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान हुए विवाद के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान किया था। उस समय स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया था।
मौजूद जानकारी के अनुसार भारतीय कुश्ती महासंघ ने एक विस्तृत नोटिस में यह भी आरोप लगाया है कि विनेश फोगाट के व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। साथ ही उन पर महासंघ के नियमों और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया।
वहीं दूसरी ओर विनेश फोगाट ने महासंघ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि जानबूझकर उनकी वापसी में बाधा डाली जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि वह उन महिला पहलवानों में शामिल हैं जिन्होंने पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
बताया जा रहा है कि यह मामला अब और गंभीर हो गया है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। महासंघ का कहना है कि नियमों का पालन जरूरी है, जबकि विनेश फोगाट का दावा है कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
यह विवाद आने वाले समय में भारतीय कुश्ती पर बड़ा असर डाल सकता है, खासकर जब एशियाई खेल जैसे बड़े आयोजनों की तैयारी चल रही है और ऐसे में इस मुद्दे का समाधान होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
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